Red fort Blast: दिल्ली के लाल किला के पास सोमवार शाम को हुए भीषण बम विस्फोट के मामले में आतंकी एंगल सामने आ गया है। धमाके में i20 कार का इस्तेमाल किया गया था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR 26 7674 था। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि कार के मालिकाना हक में कई सारे नाम जुड़े हैं, जो आतंकी एंगल की तरफ इशारा कर रहा है। कार के मालिकाना हक के तार पुलवामा से भी जुड़ गए हैं।
गाड़ी का मालिक पुलवामा का
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लाल किला ब्लास्ट की जांच कर रही दिल्ली पुलिस गाड़ी के बारे में लगातार जांच कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने सबसे पहले गुड़गांव के एक शख्स सलमान तक पहुंच बनाई। सलमान ने बताया कि उसने ये कार मार्च में देवेंद्र नाम के किसी आदमी को बेच दी थी। लेकिन जब RTO से और डिटेल्स मांगी गईं, तो मामला और पेचीदा हो गया। पता चला कि सेलर्स ने फर्जी आईडी इस्तेमाल की थीं। इनमें से एक आईडी तो पुलवामा के किसी रेजिडेंट की थी। एक पुलिसवाले ने कहा, “फर्जी आईडी यूज हुई थीं, और एक पुलवामा वाले की भी।” पुलिस को इस बात का शक है कि इस प्रकार की मल्टी लेयर मालिकी आतंकी ग्रुप्स का पुराना तरीका लग रहा है, जो सुसाइड व्हीकल-बॉर्न IED अटैक्स के लिए यूज करते हैं।
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धमाके में शामिल लोग और संदेहास्पद बातें
कार में कम से कम तीन लोग सवार थे। आमतौर पर सुसाइड अटैक में एक या दो लोग ही होते हैं, इसलिए पुलिस को शक है कि शायद ये कार हायर की गई या रेंट पर ली गई हो। गाड़ी का नंबर प्लेट तो आउटस्टेशन का था, जो जांच का बड़ा पॉइंट है। अभी ये साफ नहीं कि तीनों कौन थे और उनका क्या रोल था। फरीदाबाद में हुई एक सीज के साथ भी इसका कनेक्शन तलाशा जा रहा है। दिल्ली पुलिस सोमवार रात को FIR दर्ज कर रही है, और जल्द ही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के हाथ में केस चला जाएगा।
CCTV फुटेज से मिली लीड
जांच में सबसे ज्यादा मदद 230 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज से मिली। इनसे गाड़ी का रूट और रजिस्ट्रेशन नंबर ट्रेस हो गया। होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी कहा कि CCTV एनालिसिस का ये पहलू बहुत क्रूशियल है। लेकिन अभी कई सवाल अनसुलझे हैं—तीन लोग क्यों थे कार में, आउटस्टेशन प्लेट का क्या मतलब, और धमाका कैसे इतना दमदार था बिना गड्ढे के। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शायद कार चलते वक्त ब्लास्ट हुआ, इसलिए क्रेटर नहीं बना।
विस्फोट का केमिकल एनालिसिस
एक सोर्स ने बताया, “ये कोई हाईली इन्फ्लेमेबल केमिकल हो सकता है, जो कैजुअल्टीज का सबब बना। ये हाई-एंड एक्सप्लोसिव मटेरियल है।” संभावना है कि अमोनियम नाइट्रेट और RDX का मिश्रण यूज हुआ हो। लेकिन डिटेल्ड ब्लास्ट एनालिसिस रिपोर्ट ही इन थ्योरीज को कन्फर्म या डिनाई करेगी। जांच सभी एंगल्स से चल रही है।
















