वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गीता महोत्सव 2025 का आयोजन 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक होगा। मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक आयोजित किए जाएंगे। इस बार विदेश मंत्रालय की तरफ से पहली बार 40 देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और मुख्य कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण भी देखा जा सकेगा। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय की पहल पर कुरुक्षेत्र में होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 15 से ज्यादा देशों के 25 स्कॉलर भी पहुंचेंगे। साथ ही, 20 से ज्यादा देशों के राजदूत भी इस महोत्सव में हिस्सा लेंगे। महोत्सव 21 दिन चलेगा और महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 8 दिन चलेंगे। इसमें 14 नवंबर तक ऑनलाइन गीता क्विज, 15 नवंबर को गीता रन का आयोजन होगा। 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक शिल्प और सरस मेला चलेगा तथा रोजाना सायं के समय पुरुषोत्तमपुरा बाग में भजन संध्या और महाआरती का आयोजन होगा। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक होंगे। इसमें हरियाणा पवेलियन, पार्टनर स्टेट, पुस्तक मेला, जन सम्पर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, पुरुषोत्तमपुरा बाग सांस्कृतिक कार्यक्रम, 24 नवंबर को गीतायज्ञ और सायंकालीन गीतापूजन, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, सर्वधर्म सम्मेलन, ज्योतिसर व सन्निहित सरोवर पर श्री मदभगवद गीता और पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
25 नवंबर को विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, ज्योतिसर सरोवर पर कथा, 26 नवंबर को गीता सेमिनार का समापन, 27 को पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 28 से 30 नवंबर को शिक्षा विभाग की तरफ से गीता श्लोकोच्चारण, वाद विवाद, निबंध लेखन, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी सहित अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
क्राफ्ट मेले में 7 देश
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 7 देशों के शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है। इन देशों की शिल्पकला को ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में सजाया जाएगा ताकि महोत्सव में आने वाले पर्यटक इस शिल्पकला को देख सके। इसके अलावा, ज्योतिसर पर्यटक भी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अनुभव केंद्र को भी महोत्सव के साथ जोडा जाएगा ताकि अनुभव केन्द्र में आने वाले भागीदारी कर सकें।
राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष ने कहा कि गीता का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी है और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य विश्व समुदाय को भारतीय ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिकता और जीवन मूल्यों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव- 2025 न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर स्थापित करने का एक महत्त्वपूर्ण अवसर है। इस महोत्सव के माध्यम से विश्व समुदाय को गीता के शाश्चत संदेश से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश हर पीढ़ी के लिए प्रासंगिक है। यह महोत्सव हमारी भावी पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता केवल सनातन परंपरा का ग्रंथ ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विश्व जिस प्रकार की आशंकाओं, समस्याओं और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है, उनका आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और व्यवहारिक समाधान गीता से ही संभव है।

















