गोवा के उत्तर इलाके में दो दुकानों पर LED साइनबोर्ड पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे दिखने से हड़कंप मच गया। बैगा की रिवाइव हेयर कटिंग सैलून और अरपोरा की व्हिस्की पेडिया नाम की दुकानों के मालिकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये नारे स्क्रॉलिंग टेक्स्ट में चल रहे थे, जिससे लोगों में गुस्सा भड़क गया। पुलिस ने BNS और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया, क्योंकि ये भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा पैदा करने वाले बताए गए। चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत ने कहा कि ये बोर्ड बिना इजाजत लगाए गए थे और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
5 आरोपी गिरफ्तार
अरपोरा की व्हिस्की पेडिया में हरियाणा के रणचित भाटिया और विपिन पाहुजा, कर्नाटक के विनय चंद्रा राव और कृष्णा लमानी, बिहार के मनोज कुमार को अंजुना पुलिस ने पकड़ा। वहीं, बैगा की रिवाइव हेयर कटिंग सैलून के यूपी के मोहम्मद फरमान और मोहम्मद शावेज, दिल्ली के नौशाद कासिम और कालंगुटे के राकेश दास को कालंगुटे पुलिस ने हिरासत में लिया। अंजुना पुलिस की FIR में लिखा है कि आरोपी ने जानबूझकर LED बोर्ड पर ये नारा स्क्रॉल किया, जिससे लोगों में डर, गुस्सा और उकसावा फैला। ये भारत की संप्रभुता के खिलाफ विद्रोह भरा मैसेज था, जो इंटरनेट से जुड़े डिवाइस से चलाया गया। कालंगुटे पुलिस ने इसे राष्ट्र के खिलाफ साइकोलॉजिकल वॉर और प्रोपगैंडा बताया। दोनों जगह LED बोर्ड काट दिए गए।
लोकल लोगों की प्रतिक्रिया
मंगलवार रात को अरपोरा में व्हिस्की पेडिया का बोर्ड देखकर लोकल लोग भड़क गए। वे पुलिस स्टेशन पहुंचे और कार्रवाई की मांग करने लगे। दुकान के स्टाफ ने बोर्ड बंद करने को कहा तो रूखा बर्ताव किया, जिससे गुस्सा और बढ़ा। लेकिन पुलिस आने के बाद हालात काबू में हो गए। अरपोरा के सरपंच रोहन रेडकर ने कहा कि स्टाफ का बर्ताव गलत था। उन्होंने गुरुवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है, जिसमें वाइन स्टोर का लाइसेंस कैंसल करने का फैसला होगा। रेडकर ने जोर दिया कि जांच पूरी होनी चाहिए, ताकि सांप्रदायिक तनाव न फैले। गोवा शांतिपूर्ण राज्य है, ऐसी हरकतें नहीं चलेंगी।
अधिकारियों के बयान
चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत ने साफ कहा, “ये बोर्ड बिना परमिशन लगे थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक्शन ले लिया।” कालंगुटे के MLA माइकल लोबो ने लोगों से अपील की कि कानून हाथ में न लें। “पुलिस इसकी देखभाल कर रही है, शांति बनाए रखें।” एक पुलिस सोर्स ने बताया कि ऐसे साइनबोर्ड आसानी से चाइनीज ऐप्स से हैक हो जाते हैं। शुरुआती जांच में लगता है कि हैकिंग हुई होगी, हैकर्स को ट्रैक करना मुश्किल है।

















