मुंबई। भारत ने पहली बार महिला विश्वकप का खिताब अपने नाम किया है। नवी मुंबई में खेले गए मैच में भारतीय महिला टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले दो बार भारतीय टीम फाइनल से मायूस होकर लौटी थी। लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने बता दिया कि भारत की नारी शक्ति के आगे कोई नहीं टिक सकता। फाइनल मैच में दीप्ति वर्मा और शेफाली का जादू चला। वहीं, पीएम मोदी ने भी भारतीय टीम की शानदार उपलब्धि पर बधाई दी।
आज फाइनल में शेफाली वर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। 78 गेंदों में सात चौके और 2 छक्के जड़कर 87 रन की पारी खेली। गेंदबाजी में भी उन्होंने जादू दिखाया और दो विकेट झटके। दीप्ति शर्मा ने बल्ले से कमाल तो दिखाया ही गेंदबाजी भी ऐसी की कि प्रसंशकों ने दांतों तले उंगलियां दबा ली। दीप्ति शर्मा ने 9.3 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट झटके। शेफाली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। उन्होंने इस विश्वकप में 215 रन बनाए और 22 विकेट चटकाए।
भारत ने बनाए 298 रन
नवी मुंबई में साउथ अफ्रीका की टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की। स्मृति मंधाना ने 45 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने 78 गेंदों में सात चौके और 2 छक्के जड़कर 87 रन कूटे। जेमिमाह रॉड्रिग्स ने 24 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 20 रन बनाए। दीप्ति शर्मा ने 58 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 58 रन बनाए। अमनजोत कौर 12, ऋचा घोष 34 रन बनाकर आउट हुईं। राधा यादव ने 3 रन बनाए। भारतीय टीम ने 50 ओवर में सात विकेट खोकर 298 रन बनाए
जवाब में साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर आउट हो गई। साउथ अफ्रीका की ओर से लॉरा वुलफ़ार्ट ने शतकीय पारी खेली। उन्होंने 101 रन बनाए।
भारत ने दो बार फाइनल में जगह बनाई
2005 महिला विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। उसमें भारत फाइनल में हार गया था। ऑस्ट्रेलिया ने विश्वकप जीता था। इसके बाद इंग्लैंड में 2017 में विश्वकप में फाइनल में जगह बनाई थी। उसमें इंग्लैंड ने 9 रनों से जीत दर्ज की थी। लेकिन भारत में भारतीय टीम ने इतिहास रचा और पहली बार विश्वकप अपने नाम किया।
प्रधानमंत्री ने दी बधाई
पीएम मोदी ने जीत की बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के फ़ाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत। फाइनल में उनका प्रदर्शन अद्भुत कौशल और आत्मविश्वास से भरा रहा। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण टीम वर्क और दृढ़ता दिखाई। हमारी खिलाड़ियों को बधाई। यह ऐतिहासिक जीत भविष्य की चैंपियन खिलाड़ियों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।
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