बेलगावी चाकू कांड:कर्नाटक के बेलगावी शहर में कन्नड़ राजयोत्सव की धूमधाम से हो रही जश्नभरी में एक दुखद घटना हो गई। रविवार को सदाशिवनगर इलाके में एक प्रोसेसन के दौरान कुछ बदमाशों ने अचानक चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोग हैरान हैं कि ऐसी खुशी की शाम को हिंसा ने कैसे काली साया डाल दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घटना का पूरा विवरण
ये सब कुछ लक्स्मी कॉम्प्लेक्स के पास हुआ, जहां कन्नड़ राजयोत्सव का जुलूस चल रहा था। शाम के वक्त प्रोसेसन में शामिल लोग नारे लगा रहे थे और उत्सव मना रहे थे। तभी कुछ अज्ञात लोग आ धमके और बिना किसी भेदभाव के चाकू चला दिया। हमलावरों ने घायलों पर कई वार किए और फिर फौरन भाग निकले। चश्मदीदों के मुताबिक, ये सब कुछ कुछ ही मिनटों में हो गया। आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत घायलों को नजदीकी बीआईएमएस अस्पताल ले गए। हमला इतना तेज था कि कोई पहले से चेतावनी नहीं मिली। पुलिस को शक है कि ये बाहर के लोग हो सकते हैं, जो किसी खास मकसद से आए थे।
घायलों की स्थिति और पहचान
घायल लोगों में नेहरू नगर के रहने वाले गुरुनाथ वक्कुंड, सचिन कांबले, लोकेश बेटागेरी, महेश विनायक और नजीर पठान शामिल हैं। इनमें से दो—जिनके नाम अभी स्पष्ट नहीं बताए गए—की चोटें गंभीर हैं, और उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया। बाकी तीन की हालत स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि चाकू के घाव गहरे हैं। परिवार वाले अस्पताल में डटे हुए हैं, और इलाज चल रहा है। अच्छी बात ये है कि किसी की जान को तत्काल खतरा नहीं बताया गया।
पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया
जैसे ही खबर मिली, सिटी पुलिस कमिश्नर भूषण जी. बोरेसे और उनके सीनियर अफसर बीआईएमएस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से बात की, परिवारों को आश्वासन दिया और मौके पर जांच शुरू कराई। पुलिस टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, गवाहों से पूछताछ कर रही हैं। मकसद जानने के लिए भी तफ्तीश चल रही है—क्या ये पुरानी रंजिश से जुड़ा है या कुछ और। अभी तक कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन कमिश्नर ने कहा कि जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा। इलाके में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है ताकि आगे ऐसा न हो।ये घटना कन्नड़ राजयोत्सव जैसे सांस्कृतिक उत्सव को दागदार बना देती है, जहां लोग अपनी भाषा और संस्कृति का जश्न मना रहे थे।
















