जबलपुर के मालवीय चौक स्थित अंजुमन इस्लामिया इंग्लिश मीडियम स्कूल ने नया आदेश जारी करते हुए घोषणा की है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से स्कूल शुक्रवार को बंद रहेगा और रविवार को खुला रहेगा। यह सूचना स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के अभिभावकों को मोबाइल मैसेज के माध्यम से भेजी है।
क्यों लिया गया यह फैसला- स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के कारण अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं आते हैं। इस वजह से कक्षाओं में उपस्थिति बहुत कम रहती है। प्रबंधन के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए अब शुक्रवार को छुट्टी रखी जाएगी और उसकी जगह रविवार को स्कूल लगाया जाएगा। स्कूल प्रबंधक अन्नू अनवर ने बताया कि अंजुमन इस्लामिया के अंतर्गत शहर में कुल 6 स्कूल और 1 कॉलेज संचालित हैं। इनमें से मालवीय चौक स्थित इंग्लिश मीडियम स्कूल को छोड़कर सभी संस्थानों में शुक्रवार को ही अवकाश रहता है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में लगभग 700 विद्यार्थी पढ़ते हैं लेकिन शुक्रवार के दिन केवल 10 से 20 बच्चे ही उपस्थित होते हैं। अन्नू अनवर के अनुसार, “हमने बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई को देखते हुए शिक्षकों और प्रिंसिपल की बैठक बुलाई। सभी ने सहमति से निर्णय लिया कि शुक्रवार को छुट्टी रखी जाए और रविवार को स्कूल लगाया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई नियमित रहे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार या शिक्षा विभाग चाहेगा, तो यह निर्णय वापस ले लिया जाएगा। “हमारा उद्देश्य किसी पर नियम थोपना नहीं, बल्कि बच्चों की भलाई करना है,” उन्होंने कहा।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने जताया विरोध- स्कूल के इस फैसले का भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने विरोध किया है। मोर्चा के महामंत्री मुजम्मिल अली ने इसे “तुगलकी फरमान” बताया। उनका कहना है कि इस स्कूल की स्थापना को 117 साल हो चुके हैं, और अब तक कभी रविवार को स्कूल नहीं खुला था। मुजम्मिल अली ने कहा, “यह निर्णय विद्यार्थियों और अभिभावकों पर जबरन थोपा जा रहा है। इतने वर्षों से रविवार को छुट्टी रखी जाती रही है, अब इसे बदलना अनुचित है।” भाजपा मोर्चा ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया कि राज्य के सभी स्कूलों में रविवार को ही अवकाश होता है, क्योंकि उसी दिन परिवारों को एक साथ समय बिताने का अवसर मिलता है। इस व्यवस्था को बदलना सामाजिक और पारिवारिक रूप से गलत है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) घनश्याम सोनी ने बताया कि उन्हें इस आदेश की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा निर्णय लिया गया है तो यह नियमों के खिलाफ है। प्रदेश के सभी स्कूलों में रविवार को ही छुट्टी होती है। हम प्रबंधन को बुलाकर पूछताछ करेंगे कि यह फैसला कैसे लिया गया।” DEO ने यह भी कहा कि स्कूलों को राज्य शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए, और किसी भी स्कूल को अपनी सुविधा से छुट्टियों में बदलाव करने का अधिकार नहीं है।

















