सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कलिंगा स्टेडियम में खेल एवं युवा सेवा विभाग द्वारा आयोजित “एकता दौड़” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एकता, भाईचारा और देशभक्ति ही विकसित भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि “विविधता में एकता” ही भारत की आत्मा और शक्ति है। जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से परे हम सभी भारतीय हैं; यह भावना हमें एकजुट रखती है और राष्ट्र को मजबूत बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल एक ऐसे महान नेता थे जिन्होंने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में बांधकर अखंड भारत का निर्माण किया। उनके दृढ़ संकल्प और दूरदृष्टि के कारण ही आज हम एक एकीकृत भारत को देख पा रहे हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अगर हम सब मिलजुलकर, सामूहिक रूप से कार्य करें, तो बहुत जल्द विकसित भारत का सपना साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह दौड़ एकता, समन्वय और देशप्रेम का प्रतीक है। वर्ष 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने “रन फॉर यूनिटी” कार्यक्रम की शुरुआत की थी और 2018 में गुजरात के केवड़िया में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊँची “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” का अनावरण हुआ, जो आज विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है और भारत के गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह दौड़ हमें याद दिलाती है कि एकजुट रहना हमारी सामूहिक इच्छा और शक्ति है। सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें भाईचारे, शांति और समृद्धि के बंधन को और मजबूत करना चाहिए तथा एक समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट होना चाहिए। इस अवसर पर खेल मंत्री श्री सूर्यवंशी सुरज ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि इस दौड़ के माध्यम से हम एकता, समरसता और देशभक्ति की भावना को जाग्रत करेंगे और एक सशक्त भारत के निर्माण में निरंतर अग्रसर रहेंगे। अंत में शासन सचिव श्री सचिन रामचंद्र जादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उल्लेखनीय है कि यह जनदौड़ कलिंगा स्टेडियम से शुरू होकर पावर हाउस चौक तक आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी और हजारों नागरिकों ने भाग लिया।

















