भारत की नई पीढ़ी आज तकनीक के साथ नए प्रयोग करने में किसी से कम से नहीं है। एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बनाया गया हीलो (Healo) ऐसा ही एप है। इसे इनफीहील (Infiheal ) द्वारा बनाया गया है।
Infiheal की स्थापना वर्ष 2022 में मुंबई आईआईटी से 2014 में ग्रेजुएट होकर निकली सृष्टि श्रीवास्तव के दिमाग की उपज है। उन्होंने इसे अपने भाई उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ मिलकर बनाया है। हीलो एक एआई थेरेपिस्ट और मानसिक स्वास्थ्य साथी है, जो नई पीढ़ी के लिए निःशुल्क 24×7 उपलब्ध रहता है। यह डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य साथी की तरह व्यक्ति की बात सुनता है तथा मानसिक स्थिति को समझकर उसे सहारा और मार्गदर्शन करता है, ताकि व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ और सकारात्मक बना रहे।
इनफीहील की सीईओ सृष्टि बताती हैं, “इसे बनाने के पीछे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संघर्षों का अपना गहरा अनुभव था। कोविड के बाद के दौर में जब मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में तेजी से वृद्धि हुई तो मैंने महसूस किया कि वर्तमान मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था में अनेक खामियां हैं, जैसे कि महंगी थेरेपी, विशेषज्ञों तक सीमित पहुंच और गुणवत्तापूर्ण मानसिक उपचार की कमी।”
इसी अनुभव ने उन्हें एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने की प्रेरणा दी, जो न केवल सुलभ और सस्ती हो, बल्कि मानवीय संवेदना से भी भरपूर हो। सृष्टि चूंकि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से जुड़ी थीं और विभिन्न एआई प्रोजेक्ट पर भी काम कर चुकी थीं, इसलिए इसे बनाने में कोई विशेष कठिनाई नहीं हुुई। बस शोध करने में दिक्कत अवश्य हुई।

वे बताती हैं, “अधिकांश मानसिक स्वास्थ्य उत्पाद केवल सतही लक्षणों को नियंत्रित करने तक सीमित हैं। वे मन और शरीर के गहरे संबंध, अवचेतन मन की भूमिका और भावनात्मक उपचार जैसे पहलुओं को नजरअंदाज करते हैं। हीलो दुनिया का सबसे उन्नत एआई थेरेपिस्ट है। इसने अब तक 16 लाख से अधिक थेरेपी संवाद किए हैं और 4 लाख से ज्यादा उपयोगकर्ताओं तक पहुंच बनाई है। हालांकि हीलो मनोचिकित्सक का विकल्प नहीं है, यह उनका सहयोगी है, जो लोगों को जीवन की चुनौतियों से उबरने, मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करने, आत्म-सहायता के संसाधनों तक पहुंचने और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जुड़ने में मदद करता है।”
सृष्टि बताती हैं, “गूगल प्ले से हीलो को डाउनलोड किया जा सकता है, यह बिल्कुल फ्री है। आप इससे सलाह ले सकते हैं, लेकिन यदि आपको और गहराई तक जाकर अपनी बातचीत करनी होती है तो मात्र 999 रुपए का प्लान लेकर आप ऐप के माध्यम से थेरेपिस्ट और मनोचिकित्सकों से जुड़ सकते हैं। सैकड़ों की संख्या में थेरेपिस्ट और मनोचिकित्सक हमारे साथ दुनिया भर में जुड़े हुए हैं। हीलो देश की 25 भाषाओं और दुनिया की 93 भाषाओं में अपनी सेवाएं उपलब्ध करवाता है। हमारा लक्ष्य भारत में 10 करोड़ और वैश्विक स्तर पर 50 करोड़ लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाना है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में हीलो की यह कहते हुए सराहना कर चुके हैं कि ऐसे एआई समाधान भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता पहुंचाने में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकते हैं।
















