क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स एक स्वदेशी रोबोटिक्स कंपनी है जो फायर फाइटिंग, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेफ्टी के लिए अत्याधुनिक रोबोट विकसित करती है। कंपनी की शुरुआत जयपुर से साल 2020 में दो रोबोटिक इंजीनियरों डॉ. नीलिमा मिश्रा और भुवनेश मिश्रा ने अपने घर के बेसमेंट से की थी। उनका उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करने का था जो मानव जीवन को खतरे से बचाए और देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाए।
डॉ. नीलिमा मिश्रा बताती हैं, ”शुरुआती दिनों में कंपनी को वित्तीय कठिनाइयों, तकनीकी संसाधनों की कमी और उद्योगों से विश्वास हासिल करने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन हमने हार नहीं मानी। हर असफल प्रयास को सीख में बदला। हमारे स्टार्टअप को बड़ी सफलता तब मिली जब हमने फायर फाइटिंग रोबोट विकसित किया।
यह एक मजबूत मशीन है जो आग में प्रवेश कर पाइप ले जा सकती है और उन जगहों से लाइव वीडियो भेज सकती है जहां इंसान नहीं पहुंच सकता। कई असफल प्रयोगों और नींद रहित रातों के बाद, इस नवाचार ने गुजरात का भरोसा जीत लिया। इसके बाद ओडिशा, दिल्ली फायर सर्विसेज और कर्नाटक की फायर सर्विसेज ने भी इसको अपनाया।”
वह बताती हैं, ”क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स के सफर का सबसे कठिन दौर वह था जब कंपनी ने अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट पूरी तरह तैयार कर लिया था लेकिन तभी कोविड-19 महामारी आ गई। सारी योजनाएं रुक गईं। इसी संकट के समय, कंपनी ने मानवता के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए Sona 2.5 AI Humanoid Robot को जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में वालंटियर के रूप में तैनात किया।
यह रोबोट आइसोलेशन वार्ड में जाकर मरीजों तक दवाइयां, भोजन और आवश्यक वस्तुएं पहुंचाता था, ताकि अस्पताल का स्टाफ बार-बार अंदर न जाए और पीपीई किट की आवश्यकता कम हो। इस सफलता के बाद 70 से अधिक ह्यूमनॉइड नर्स रोबोट विभिन्न राज्यों के अस्पतालों में तैनात किए, जिससे न केवल कोविड के समय मदद मिली, बल्कि भारत में मेडिकल रोबोटिक्स के नए युग की शुरुआत हुई।”

















