बिहार में एसआईआर करवाने के बाद चुनाव आयोग अब इसे पूरे देश में करने जा रहा है। सोमवार (आज) को पैन-इंडिया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहले फेज की तारीखें घोषित की जाएंगी। ये रिवीजन वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने का बड़ा कदम है, जो पूरे देश में होगा। पहले फेज में 10-15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कवर होंगे, जिनमें वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुच्चेरी जैसे पोल-बाउंड इलाके शामिल हैं।
आखिरी बार ऐसा इंटेंसिव रिवीजन तो दो दशक पहले हुआ था। हालांकि, एसआईआर से विपक्षियों को तकलीफ होनी शुरू हो गई है. तमिलनाडु के सीएम और डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने बीजेपी पर वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का आरोप लगाया है, खासकर बिहार जैसे मामलों के बाद। वहां SIR से करीब 65 लाख वोटर्स का वोटिंग राइट छिन गया था। डीएमके और इंडिया ब्लॉक पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि बीजेपी सरकार ईसी को पपेट की तरह इस्तेमाल कर तमिलनाडु में भी यही दोहराना चाहती है। ये SIR स्टेजेस में होगा, बिहार की तरह एकदम लिखित आदेश से नहीं।
पहले फेज में कौन-कौन से राज्य कवर होंगे
पहले फेज में 10-15 राज्य और यूटी पर नजर रहेगी, जैसे वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुच्चेरी। लेकिन महाराष्ट्र को छोड़ दिया जाएगा, क्योंकि वहां लोकल बॉडी इलेक्शन सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 31 जनवरी 2026 तक होने हैं। बर्फीले इलाकों वाले जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और लद्दाख भी बाहर रहेंगे। ये फैसला मौसम और लोकल पोल्स को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि रिवीजन स्मूथ चले।
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घोषणा और अमल का तरीका
आज एसआईआर को लेकर चुनाव आय़ोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है, जिसमें इसके पहले फेज की डिटेल्स बताई जाएंगी। यहां सवाल-जवाब का मौका भी मिलेगा, ताकि डाउट्स क्लियर हो सकें। बिहार में तो ये लिखित आदेश से शुरू हुआ था, लेकिन यहां स्टेज वाइज प्लानिंग होगी। तीन कैटेगरी के राज्य बाद में कवर होंगे: सर्दियों वाले बर्फीले इलाके, जहां अगले तीन महीनों में लोकल बॉडी पोल्स हैं और रोल्स पीपल एक्ट के तहत तैयार हैं, और जहां 75-80% वोटर्स पहले से मैप हो चुके हैं—बाकी 20% को ही आर्टिकल 326 के तहत डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे।
डॉक्यूमेंट्स और शेड्यूल की डिटेल्स
डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट बिहार जितनी ही रहेगी, जो इंडिकेटिव है न कि एग्जॉस्टिव। आधार सिर्फ आईडी प्रूफ के लिए चलेगा। पहले फेज का एनरोलमेंट 1 नवंबर से शुरू हो सकता है, और फाइनल रोल जनवरी के आखिर या फरवरी की शुरुआत तक पब्लिश हो जाएगा। बिहार की तरह तीन महीने का शेड्यूल फॉलो होगा।
ग्राउंडवर्क हो चुका है
पिछले दो महीनों से देशभर SIR की तैयारी चल रही है। सितंबर और अक्टूबर में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर्स (सीईओ) के दो कॉन्फ्रेंस हुए। आखिरी वाला 22-23 अक्टूबर को था, जहां राज्य-यूटी के सीईओ ऑफिस की रेडीनेस चेक हुई। खासकर लास्ट इंटेंसिव रिवीजन से करंट इलेक्टर्स की मैपिंग पर फोकस किया जा रहा है। सभी रोल्स डिजिटाइज्ड हैं, 50-70% वोटर्स लिंक्ड हो चुके। बूथ लेवल ऑफिसर्स को ट्रेनिंग दी गई, पार्टियों से बूथ एजेंट्स अपॉइंट करने को कहा। ईसी को भरोसा है कि डुप्लिकेट्स, इललीगल इमिग्रेंट्स, डेड या शिफ्टेड वोटर्स हटने से रोल क्लीन हो जाएगा।

















