पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप क्षेत्र में मां काली की मूर्ति को पुलिस वैन में ले जाने की घटना ने अब राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। यह मामला उस समय शुरू हुआ जब स्थानीय एक गांव के मंदिर में मां काली की प्रतिमा क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली। इसे देखकर गांव के लोग काफी आक्रोशित हुए और उन्होंने इसे अपनी धार्मिक भावनाओं पर हमला मानते हुए विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया।
इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया और नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने ट्विटर के बाद अब एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पुलिस ने मां काली की मूर्ति को पुलिस वैन में बंद करके ले जाया। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताया और प्रशासन पर इसे दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मालवीय ने कहा कि पुलिस ने शुरुआत में ग्रामीणों को धमकाया और मंदिर के फाटक बंद कर दिए। लेकिन स्थानीय लोगों के उग्र विरोध के बाद उन्हें फाटक फिर से खोलने पड़े। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और उनकी पुलिस ने सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हिंदू भक्तों से मूर्ति छीन ली, उसे अपमानजनक तरीके से फेंक दिया और फिर भक्तों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस मुहर्रम के दौरान ताजिया के साथ भी ऐसा करने की हिम्मत करेगी। मालवीय ने इसे हिंदू विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया।
https://twitter.com/amitmalviya/status/1981242639656833274
इसी घटना पर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पकड़ने की बजाय पुलिस ने मां काली की मूर्ति को वैन में डाल दिया। इसके अलावा, सात हिंदू रक्षकों को गिरफ्तार भी किया गया। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से धार्मिक भावना को चोट पहुंचती है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार ने भी इस मामले पर ममता सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार कट्टरपंथियों के प्रति तुष्टिकरण कर रही है और बार-बार सनातन हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। मजूमदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि मां काली की मूर्ति को पुलिस वैन में रखना निंदनीय है और हर भक्त के लिए यह शर्म की बात है।
Look my Fellow Bengalis! See how our Maa Kali is being forcefully pushed into a Police Van where they transport common criminals!
What else is left of our culture? Mamata has converted this land of Shakti into a Jihadi hellscape! pic.twitter.com/nmw0K2SsPo
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) October 22, 2025
स्थानीय लोग भी इस घटना से काफी दुखी और नाराज हैं। उनका कहना है कि मंदिर और मूर्ति हमारे विश्वास का केंद्र हैं। उन्हें इस तरह से अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में उचित कार्रवाई करे और दोषियों को सजा दे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

















