बाबा केदारनाथ के कपाट आज विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवार सहित बाबा केदार को जल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया और प्रदेश व देश की खुशहाली की कामना की। भगवान श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 2 मई 2025 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे और अब कल 23 अक्टूबर को प्रातः 8.30 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शीतकाल हेतु बंद कर दिए गए।
इस साल 175 दिवसीय यात्रा इस वर्ष हर दृष्टि से ऐतिहासिक रही। क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के बावजूद धामी सरकार मंदिर समिति और पंडा-पुजारी समुदाय के अथक प्रयासों से यह यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस साल रिकार्ड 17.50 लाख तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए।सीएम धामी ने पूजा के बाद कहा कि इस वर्ष आपदा के बावजूद 50 से अधिक तीर्थयात्रियों ने चार धामों में देवताओं के दर्शन किए हैं और अब शरद ऋतु में भी श्रद्धालु चारों धामों के शीतकालीन गद्दीस्थलों में देवताओं के दर्शन करने आएंगे। बाबा केदार श्री बद्री विशाल की कृपा सभी पर बनी रहे।
उन्होंने कहा कि बद्री केदारनाथ शहर के पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। अगले साल तक यात्रियों को और अधिक सुविधाएं मिलेंगी। बाबा केदार धाम और श्री हेमकुंड साहिब तक रोपवे का काम भी शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा की यात्रा जारी रहे ऐसी देवी-देवताओं से प्रार्थना करते हैं। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भी बाबा केदारनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर सरकार और पंडा तीर्थ पुरोहित समाज का आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि अगले वर्ष तीर्थयात्री और भी अधिक श्रद्धा के साथ यहां आएंगे तथा शरद ऋतु में डोली स्थलों पर भी अपनी आस्था प्रकट करेंगे।

















