देहरादून: फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनाए गए दस हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड को जिला प्रशासन ने रद्द कर दिया है। प्रशासन ने सत्यापन की कारवाई करते हुए 3617 राशन कार्ड भी रद्द कर दिए हैं। जिला प्रशासन की इस कारवाई को उत्तराखंड में बाहरी लोगों की घुसपैठ से जोड़कर देखा जा रहा है।
खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए आयुष्मान कार्ड के जरिए यूपी से आए लोग एम्स और देहरादून के अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा रहे है ये खबर जब खुफिया विभाग ने जिला प्रशासन को दी उसके बाद ये ड्राइव शुरू हुई। एम्स ऋषिकेश के बाहर और अन्य सरकारी मेडिकल संस्थानों के बाहर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड और फिर उनसे आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के गिरोह सक्रिय रहते है जिसके बाद प्रशासन ने ये सत्यापन अभियान चलाया है।
डीएम सविन बंसल ने बताया कि अब तक दस हजार ऐसे आयुष्मान कार्ड को रद्द किया गया है जिनके दस्तावेजों को लेकर संदेह हुआ और उनका सत्यापन करवाया गया। उन्होंने बताया कि 3617 राशन कार्ड भी रद्द किए गए हैं, जिनके आधार पर ये आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
पहले भी हुई थी ऐसी ही कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व में भी 3333 राशन कार्ड देहरादून जिला प्रशासन ने रद्द किए थे। डीएम ने अभी विकासनगर कालसी क्लेमेनटाउन क्षेत्र में राशन कार्ड के सत्यापन की बात धीमी गति से चलने पर नाराजगी भी जाहिर की है। बताया जाता है कि यहां सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा हुआ है। धामी सरकार के निर्देशों के बाद हरिद्वार जिले में 5895, पौड़ी में 961और बागेश्वर जिले में 5307 फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए गए है और अब उनके आयुष्मान कार्ड भी निरस्त किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

















