Dhanteras Kab Hai: दीपावली महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जिसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन न केवल पारंपरिक रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि इसे सौभाग्य, समृद्धि और घर की खुशहाली के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। धनतेरस विशेष रूप से भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कर्म, पूजा और दान विशेष फलदायी होते हैं और जीवन में सुख, स्वास्थ्य और धन की वृद्धि होती है।
धनतेरस के दिन घर की सफाई करना, दीपक जलाना और लक्ष्मी माता की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। घर की सफाई न केवल भौतिक रूप से बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है। घर के हर कोने में दीपक जलाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे अंधकार दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मुख्य द्वार पर दीपक लगाने से माना जाता है कि मां लक्ष्मी का स्वागत होता है और घर में समृद्धि बनी रहती है। धनतेरस पर वस्तुओं की खरीदारी का भी विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार, सोना, चांदी, पीतल या तांबे के बर्तन और अन्य धातु की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। यह न केवल समृद्धि का प्रतीक है बल्कि यह घर में सुख-शांति और सौभाग्य लाने का मार्ग भी बनता है। इसके अलावा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और झाड़ू, बर्तन जैसी घरेलू वस्तुएं भी खरीदना लाभकारी माना जाता है। आधुनिक समय में लोग गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खरीदते हैं, जिसे सुख-सुविधा और घर की आधुनिकता बढ़ाने वाला उपाय माना जाता है।
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इस वर्ष धनतेरस शनिवार, 18 अक्टूबर को है। इस दिन का प्रमुख समय प्रदोष काल (शाम 5:48 बजे से रात 8:20 बजे तक) और वृषभ काल (शाम 7:16 बजे से रात 9:11 बजे तक) पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा का मुख्य मुहूर्त शाम 7:16 बजे से 8:20 बजे तक है। इस समय घर को साफ करके रंगोली, दीपक और फूलों से सजाना चाहिए। पूजा के दौरान “ॐ श्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का मंत्र जाप करना अत्यंत शुभ होता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा भी की जाती है, जिन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है। उनके चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाकर उनकी पूजा करने से स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की जाती है। इसके साथ ही भगवान कुबेर और मां लक्ष्मी के चित्र के सामने दीपक जलाना और मिठाई अर्पित करना भी शुभ होता है। धनतेरस पर खरीदारी करने के लिए भी विशेष मुहूर्त निर्धारित हैं। इस वर्ष 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे से 19 अक्टूबर सुबह 6:24 बजे तक खरीदारी करने का शुभ समय है। इस समय सोने-चांदी के गहने, पीतल या तांबे के बर्तन, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झाड़ू-बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की खरीदारी से घर और परिवार में समृद्धि आती है और सौभाग्य बढ़ता है।














