विश्वगुरु बनने की तैयारी, मुख्यमंत्री माझी ने बताया कैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बदल रही है शिक्षा व्यवस्था
September 14, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत ओडिशा

विश्वगुरु बनने की तैयारी, मुख्यमंत्री माझी ने बताया कैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बदल रही है शिक्षा व्यवस्था

नई शिक्षा नीति 2020 वास्तव में भारतीय विचार और आधुनिक ज्ञान के बीच एक सेतु है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इक्कीसवीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जिसका उद्देश्य हमारे देश की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करना है।

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद — edited by Mahak Singh
Oct 15, 2025, 05:07 pm IST
inओडिशा

नई शिक्षा नीति 2020 वास्तव में भारतीय विचार और आधुनिक ज्ञान के बीच एक सेतु है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इक्कीसवीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जिसका उद्देश्य हमारे देश की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करना है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह बयान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी में आयोजित “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर चर्चा सत्र में भाग लेते हुए दिया।

भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा से ज्ञान-सशक्त भारत की दिशा में कदम

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की शिक्षा नीति 2020 हमारी परंपरा और मूल्यों पर आधारित है। यह नीति SDG-4 (सतत विकास लक्ष्य-4) के अनुरूप, इक्कीसवीं सदी की शिक्षा की अपेक्षित दिशा को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा संरचना, शासन और प्रबंधन के सभी पहलुओं में सुधार और पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल देती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति की सृजनात्मक क्षमता के विकास पर विशेष ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि यह नीति इस सिद्धांत पर आधारित है कि शिक्षा केवल ज्ञानगत क्षमता का विकास नहीं है, बल्कि साक्षरता, संख्यात्मक दक्षता, मौलिक कौशल और विश्लेषणात्मक सोच का समुचित विकास भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय लोकाचार पर आधारित एक ऐसी शिक्षा प्रणाली पर केंद्रित है, जो भारत के रूपांतरण में प्रत्यक्ष योगदान देगी। इसका लक्ष्य एक समानता और उत्साहपूर्ण ज्ञान-आधारित समाज में सभी को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना है, जिससे भारत ज्ञान की एक विश्व शक्ति बन सके।

उन्होंने युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जिसने विदेशी आक्रमणों के बावजूद अपनी प्राचीन ज्ञान और संस्कृति को अक्षुण्ण रखा है। इस विरासत को सुरक्षित और सक्रिय रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान और संस्कृति का संरक्षण राष्ट्र का परम कर्तव्य है। भारत ने कला, संगीत, साहित्य, न्याय, दर्शन, स्थापत्य, योग, विज्ञान, धातु विज्ञान, ज्योतिष, भूगोल, गणित, चिकित्सा, रसायन और कृषि जैसे सभी क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य उत्तम नागरिकों का निर्माण करना है-ऐसे व्यक्तियों का, जिनमें तर्कसंगत सोच, करुणा, समानुभूति, साहस, स्थिरता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सृजनात्मक कल्पना और नैतिक मूल्यों का विकास हो। उन्होंने कहा कि एक आदर्श शिक्षण संस्था वह होती है, जहां विद्यार्थी स्वयं को अपने दूसरे घर में होने का अनुभव करें, जहां सुरक्षित, प्रेरणादायक और समानतापूर्ण वातावरण उपलब्ध हो।

उन्होंने यह भी कहा कि यह शिक्षा नीति विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। शिक्षा केवल व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए है, यही भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल संदेश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे हमारे प्राचीन ऋषि-मुनियों ने शिक्षा को सर्वहितकारी बनाया था, उसी का अनुकरण आज की शिक्षा प्रणाली में आवश्यक है। भारतीय चिंतन और अनुसंधान ने कला, साहित्य, विज्ञान, न्याय, दर्शन, योग, ज्योतिष, गणित, चिकित्सा और कृषि सहित सभी क्षेत्रों में महान योगदान दिया है, इन्हें युवा पीढ़ी के समक्ष लाना अत्यंत आवश्यक है।

भारतीय चिंतन और आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी

कौटिल्य के अर्थशास्त्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जनकल्याण ही शासक का सच्चा आनंद है।” उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक चिंतन का आधार कर्तव्य और प्रजाधर्म है, जहाँ शासक और प्रजा का संबंध पिता–पुत्र समान है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय चिंतन और आधुनिक ज्ञान के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हुए वैश्विक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का आधार है। वर्तमान समय में हमारी शिक्षा प्रणाली में भारतीय मूल्य, आदर्श और सांस्कृतिक चेतना को शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हम शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का साधन मानेंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी ज्ञानवान, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्त नागरिक बनेगी।

इस अवसर पर भारतीय विश्वविद्यालय संघ के सलाहकार डॉ. पंकज मित्तल और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी के निदेशक प्रोफेसर प्रभात कुमार महापात्र प्रमुख रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा सुधार और नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों पर गहन चर्चा और विचार-विमर्श हुआ। संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय शिक्षा चिंतन और पारंपरिक ज्ञान संपदा को आधुनिक शिक्षा के साथ समन्वित करना है। तीन दिवसीय इस संगोष्ठी में “शिक्षा और भारतीय मूल्य”, “भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय”, तथा “राष्ट्रीय शिक्षा नीति की आधारभूमि और दिशा-निर्देश” जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

Topics: NEP 2020Indian Value Based EducationCM Mohan Charan MajhiCentral Sanskrit University PuriIndian knowledge traditionNational Education PolicyNew Education Policy 2020
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Odisha CM Mohan Charan Majhi का Exclusive इंटरव्यू: लक्ष्मणानंद हत्याकांड से लेकर विकास पर बात

ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी जी और पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी

Odisha’s Udaan 2.0: ओडिशा में धर्मांतरण के खिलाफ CM मोहन माझी का प्लान क्या है? जानिए ‘पाञ्चजन्य’ से क्या-क्या कहा?

शोधकर्ता व न्यूमरोलॉजिस्ट ज्योत्स्ना जी. बंसल

न्यूमरोलॉजी पर नया अकादमिक शोध: भारतीय दर्शन और IKS से क्या है इसका संबंध?

क्या अंग्रेजी भारतीय भाषा है? त्रिभाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, जानिए पूरा मामला

पुरी रथयात्रा की तैयारियों की CM मोहन चरण माझी ने की समीक्षा, श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था

वन संरक्षण और हरित विकास में ओडिशा देश में अग्रणी, 2 वर्षों में 558 वर्ग किमी बढ़ा वन एवं वृक्ष आवरण: CM मोहन चरण माझी

Load More

ताज़ा समाचार

t20 match first time vande mataram

भारतीय क्रिकेट में ऐतिहासिक अध्याय: भारत-अफगानिस्तान टी20 मैच में पहली बार राष्ट्रगान के साथ गाया गया ‘वंदे मातरम्’

दुनिया ताकतवर को देखती है: गोटन में RSS सरसंघचालक जी ने कहा- ‘व्यक्ति से लेकर राष्ट्र तक सामर्थ्य अनिवार्य है’

महराजगंज में RSS शताब्दी वर्ष पर भव्य युवा संवाद : दीपक विस्पुते जी ने युवाओं को दिया ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश

AP Aboobacker Fatwa Muslim Women Samastha Kerala Jam Eyyathul Ulama Panchjanya

“फतवा वापस नहीं होगा”: मुस्लिम महिलाओं पर दिए बयान पर कायम AP अबूबकर, जानिए जमीयतुल उलमा का बड़ा दावा!

वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा जी और गुजरात मुख्यमंत्री के प्रमुख सलाहकार एवं GMDC के अध्यक्ष डॉ. हसमुख अधिया जी

Sabarmati Samvad 2026: “गुजरात कैसे बनेगा भारत का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन? डॉ. हसमुख अधिया जी ने बताई 2047 की पूरी रणनीति”

दुनिया डगमगाई, भारत संभला

Role of Spiritual Leaders in Nation Building Hindu Resurgence Panchjanya

राष्ट्र निर्माण और हिंदू पुनरुत्थान में आध्यात्मिक गुरुओं की भूमिका: जानिए कैसे मिलेगा ‘परम वैभव’!

9/11 बरसी: न्यूयॉर्क मेयर जोहरान मामदानी ने छेड़ा विक्टिमहुड का राग; हँसते हुए असंवेदनशील वीडियो पर बवाल!

प्राकृतिक आपदाएं दे रही हैं चेतावनी: विकास के साथ प्रकृति संरक्षण भी जरूरी, जानिए क्यों बढ़ रहा खतरा!

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

सार्वभौमिक स्पंदन: मानवता के रूप में हिंदुत्व

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies