पिछले 2 साल से चल रहे इजरायल और हमास के बीच युद्ध में पहली बार स्थायी शांति की उम्मीद दिख रही है। मिस्र की राजधानी काहिरा में चल रही वार्ता से एक सकारात्मक नतीजे की उम्मीद उस वक्त निकल कर सामने आई है, जब आतंकी संगठन हमास ने कहा कि शांति समझौते के लागू होने के 72 घंटे के अंदर ही वह बंधकों और कैदियों की अदला-बदली करेगा। इसके साथ ही उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ये मांग भी कर दी है कि वो इजरायल को इस समझौते को लागू करने के लिए बाध्य करें।
समाचार एजेंसी एएफपी की आतंकी संगठन ने ये बात ट्रंप के उस बयान के बाद कही है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके 20 सूत्रीय शांति योजना के पहले चरण पर इजरायल औऱ हमास दोनों ने ही हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा कहा कि समझौते का मतलब है, “सभी बंधकों को बहुत जल्द रिहा कर दिया जाएगा और इज़रायल अपने सैनिकों को एक सहमत रेखा पर वापस बुला लेगा”। ट्रंप ऐसा मान रहे हैं कि ये स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम है।
हमास का संदेश है तल्ख
हमास अभी भी आंखें दिखा रहा है। उसका कहना है कि ये डील उसी शर्त में पूरी हो सकती है, जब इजरायल गाजा पर बमबारी को रोककर अपनी सेना को पीछे बुला लेगा।
इसे भी पढ़ें: ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स : डेविड स्टारकी का खुलासा, कहा– ‘ये गैंग नहीं, खानदान हैं’
बंधकों के परिवारों की प्रतिक्रिया
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली बंधकों के परिजनों के मंच ने इस डेवलपमेंट पर उत्साह व्यक्त किया है। लेकिन, उत्साह, प्रत्याशा के साथ भी अभी भी आशंकाओं से भरे हुए हैं। बंधकों के परिजनों के मंच ने इजरायली सरकार से ट्रंप के 20 सूत्रीय फैसले को तुरंत मंजूरी देने की मांग की है। इसके साथ ही ये लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशंसक हैं कि उन्होंने पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ इस डील को आगे बढ़ाया।
उल्लेखनीय है कि पिछली बार भी जब जो बाइडेन राष्ट्रपति थे, तब भी इसी तरह से बंधक युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन वो अधिक दिनों तक टिका नहीं था। बहरहाल, हाल ही में ट्रंप ने ये कहा था कि फिलहाल हमास के कब्जे में करीब 40 बंधकों में से 20 की मौत हो चुकी है और 20 ही जीवित हैं। उन्होंने मृतकों के शवों के साथ ही सभी को वापस करने की बात कही थी।

















