कानपुर जनपद से शुरू हुआ ‘आई लव मोहम्मद’ का विवाद अब गोरखपुर तक पहुंच गया है। गोरखपुर जनपद में एक विवादित बैनर देखने में आया, जिस पर लिखा गया था – “हिसाब में रहो साहब, हम सब्र में हैं, कब्र में नहीं।” जैसे ही लोगों की नजर इस बैनर पर पड़ी, उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विवादित बैनर को हटा दिया और इसे लगाने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
घोसीपुरवा मोहल्ले में दुकान पर लगा विवादित बैनर
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर जनपद के चिलुआताल थाना अंतर्गत घोसीपुरवा मोहल्ले में एक दुकान पर यह विवादित बैनर लगाया गया था। बैनर के ऊपर “आई लव मोहम्मद” लिखा हुआ था और नीचे लिखा गया था – “अगर कभी तेरे नाम पर जंग हो गई तो हम ऐसे बुजदिल भी पहली सफ में खड़े मिलेंगे।” इस बैनर को किसने लगाया, इसका पता फिलहाल नहीं लग सका है।
स्थानीय लोगों ने बनाया वीडियो, पुलिस ने की कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने इस बैनर का वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह की हरकत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गोरखपुर जनपद में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण बनी हुई है।
कानपुर से शुरू हुआ था विवाद
उल्लेखनीय है कि ‘आई लव मोहम्मद’ का विवाद सबसे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में शुरू हुआ था। बारावफात के मौके पर वहां “आई लव मोहम्मद” का बोर्ड लगाया गया था, जिसका हिन्दू संगठनों ने विरोध किया। विरोध के बाद कुछ देर में ही वह बैनर हटा दिया गया।
कानपुर में दर्ज हुई थी एफआईआर
गत 10 सितंबर को रावतपुरा थाने में उप निरीक्षक पंकज शर्मा की तहरीर पर शराफत हुसैन, शबनूर आलम, बाबू अली, मोहम्मद सिराज, फजलू रहमान, इकराम अहमद, इकबाल, बंटी, कुन्नू कबाड़ी एवं 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस प्रकार का बैनर इससे पहले कभी नहीं लगाया गया था, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने इसे नई परम्परा बताकर विरोध किया।
पुलिस ने बैनर हटवाकर कराया मामला शांत
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने समझदारी दिखाते हुए बैनर को दूसरी जगह लगवाया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन की तत्परता से मामला शांत हो गया था, लेकिन उसके बाद सोशल मीडिया पर ‘आई लव मोहम्मद’ का अभियान तेजी से चलाया जाने लगा।
सोशल मीडिया से फैल रहा विवाद कई प्रदेशों तक पहुंचा
अब यह विवाद केवल कानपुर या गोरखपुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के साथ-साथ हिन्दुस्थान के कई प्रदेशों में भी फैलता जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार इस अभियान से जुड़ी पोस्टें साझा की जा रही हैं, जिससे प्रशासन की निगरानी और सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

















