देशभक्ति और सेवा भावना के प्रतीक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित विशेष समारोह में ₹य100 का स्मारक सिक्का और एक डाक टिकट जारी किया। लेकिन, विरोधियों ने संघ को बदनाम करने की नीयत से असली सिक्के की जगह विकृत सिक्का सोशल मीडिया वायरल कर दिया।
विरोधियों ने बड़ी ही चालाकी से इस सिक्के में लिखे गए ‘राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम’ की जगह ‘इदं रोम’ लिख दिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद इसे विरोधियों, वामपंथियों और छद्म सेक्युलर जमात ने सोशल मीडिया के जरिए वायरल करके संघ को बदनाम करने की साजिश रची। जबकि, असली सिक्के पर ‘राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम’ लिखा है, जिसका अर्थ है ‘राष्ट्र को समर्पित, यह राष्ट्र का है, यह मेरा नहीं है’ होता है।
इसके अलावा नकली सिक्के में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नाम को भी विकृत किया गया है। नकली सिक्के को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि उसमें ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ के साथ पर राष्ट्रीय ‘स्व’ सेवक संघ लिख दिया गया है। स्व का अर्थ व्यक्तिगत यानि कि अपने खुद से होता है।
इतिहास में पहली बार मुद्रा पर भारत माता की छवि
गौरतलब है कि ये पहली बार है, जब किसी भारतीय सिक्के पर भारत माता की तस्वीर अंकित की गई है। सिक्के की एक ओर भारत का राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तंभ) और दूसरी ओर भारत माता की भव्य छवि है। इस चित्र में स्वयंसेवक और सिंह के साथ वरद मुद्रा में खड़ी भारत माता को दिखाया गया है, जो “समर्पण और सेवा” का भाव व्यक्त करती हैं। सिक्के पर संघ मंत्र- “राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम” भी अंकित है।
विशेष डाक टिकट भी जारी
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सरकार की ओर से एक डाक टिकट भी जारी किया गया है। इस टिकट में आरएसएस द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और आपदा राहत में निभाई गई भूमिका को दर्शाया गया है। यह टिकट “मातृभूमि की सेवा के लिए सदा समर्पित” के संदेश के साथ जारी किया गया है।

















