आज के समय में आधार कार्ड हर भारतीय नागरिक के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। यह पहचान और पते का सबसे भरोसेमंद सबूत माना जाता है। देश की करीब 90 फीसदी आबादी के पास आधार कार्ड है। अब बच्चों के लिए भी आधार कार्ड जरूरी हो गया है, क्योंकि यह स्कूल में एडमिशन, सरकारी योजनाओं और बैंक से जुड़ी सेवाओं में काम आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने बच्चों के आधार अपडेट को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब माता-पिता अपने बच्चों का आधार कार्ड बिल्कुल मुफ्त में अपडेट करा सकते हैं। यह सुविधा 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और एक साल तक यानी 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
क्यों जरूरी है बच्चों का आधार अपडेट करना- अक्सर देखा जाता है कि बच्चों के आधार कार्ड में फोटो पुरानी हो जाती है या पता बदल जाता है। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं या स्कूल बदलते हैं, वैसे-वैसे उनकी जानकारी अपडेट करना जरूरी होता है। आधार में सही जानकारी होने से आगे चलकर किसी भी सरकारी या निजी काम में दिक्कत नहीं आती।
कौन से बच्चे करवा सकते हैं मुफ्त अपडेट- यह सुविधा 5 साल से 17 साल की उम्र तक के बच्चों के लिए है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार ‘बाल आधार’ कहलाता है। इस उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन नहीं लिए जाते, क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता। जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, तब उसका पहला बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी होता है। इसमें बच्चे के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो अपडेट किए जाते हैं। इसके बाद 15 से 17 साल की उम्र के बीच दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाता है ताकि उसकी पहचान सटीक और सुरक्षित बनी रहे।
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कहां और कैसे कराएं अपडेट- माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे का आधार अपडेट कराने के लिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र या नामांकन केंद्र (Enrollment Centre) पर जा सकते हैं। इसके अलावा यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar मोबाइल ऐप के जरिए भी पहले से अपॉइंटमेंट बुक किया जा सकता है, ताकि केंद्र पर जाकर लंबी लाइन से बचा जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के लिए यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाएगी। यानी बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट, फोटो या पते में बदलाव के लिए अब कोई शुल्क नहीं देना होगा।
















