बीते एक साल से भी अधिक वक्त से चल रहे हमास और इजरायल के युद्ध की समाप्ति की एक उम्मीद और जगी है। आतंकी संगठन हमास इजरायली बंधकों को कुछ शर्तों के साथ रिहा करने के लिए तैयार हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि हमास अब शांति के लिए तैयार हो गया है। उनकी 20-सूत्री योजना पर हमास के जवाब को देखकर ट्रंप को लगता है कि स्थायी शांति का रास्ता साफ हो रहा है। ऐसे में उन्होंने इजरायल से साफ कहा—गाजा में बमबारी तुरंत रोक दो, वरना बंधकों की जिंदगी खतरे में है।
ये सब 3 अक्टूबर 2025 को हुआ, जब गाजा में इजरायली फौज हमास के आखिरी गढ़ गाजा सिटी की ओर बढ़ रही थी। उल्लेखनीय है कि 48 बंधक अभी भी हमास की कैद में हैं, जिनको लेकर दावा किया जा रहा है कि उसमें से केवल 20 ही जिंदा हैं, बाकी शायद नहीं।
ट्रंप की उम्मीदें और सख्त चेतावनी
ट्रंप ने खुशी से कहा, “मुझे लगता है हमास लास्टिंग पीस के लिए तैयार है।” उन्होंने हमास के जवाब को पॉजिटिव बताया। इसके साथ ही उन्होंने इजरायल को कड़ा संदेश दिया—”अभी गाजा पर बमबारी बंद करो, ये बहुत खतरनाक हो गया है।” ये पहली बार है जब ट्रंप ने ऑफिस लौटने के बाद इजरायल से हमले रोकने को कहा। पहले उन्होंने हमास को चेतावनी दी थी—रविवार शाम 6 बजे तक (इजरायल टाइम सोमवार सुबह 1 बजे) प्लान मान लो, वरना ‘सब हेल’ टूट पड़ेगा। हमास लड़ाकों को ‘मिलिटरली ट्रैप्ड’ बताया और लीडर्स को मार गिराने की धमकी दी। साथ ही उन्होंने फिलिस्तीनियों से भी गाजा सिटी छोड़ने को कहा था। इसके अलावा ट्रंप ने कतर, तुर्की, सऊदी, मिस्र, जॉर्डन जैसे देशों को थैंक्स कहा। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “ये बड़ा दिन है, शायद अनप्रेसिडेंटेड। कुछ बंधक ताबूतों में लौटेंगे, लेकिन डिटेल्स कंक्रीट में सेट करने हैं।”
हमास का शर्तों के साथ हां
हमास ने ट्रंप के प्लान का स्वागत किया, लेकिन कुछ बातों पर ऐतराज जताया। उसने कहा कि स्थायी सीजफायर के 72 घंटे में 48 बंधकों को छोड़ देंगे, बदले में 2000 से ज्यादा फिलिस्तीनी कैदियों और मारे गए गाजावासियों की लाशें लेंगी। साथ ही ये तब होगा, जब इजरायल पहली फेज में गाजा से पीछे हटे और ‘फील्ड कंडीशंस’ सही हों। कुछ लाशें ढूंढना मुश्किल है, ये पहले ही मीडिएटर्स को बताया गया है। लेकिन हमास ने आंख दिखाई है। अल जजीरा पर मूसा अबू मारजुक ने कहा, “जब तक इजरायली कब्जा खत्म न हो, हम हथियार नहीं छोड़ेंगे।”
इजरायल और बाकी दुनिया की नजर
कहा जा रहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमास के सकारात्मक जवाब की उम्मीद नहीं थी। इसलिए वो पहले तो हैरान थे। चैनल 12 के मुताबिक, वो अमेरिका से कोऑर्डिनेट करना चाहते हैं। कुछ इजरायली सिक्योरिटी अफसरों को लगता है डील हो सकती है। दूसरी तरफ बंधक परिवारों ने ट्रंप का साथ दिया—”सीजफायर जरूरी, ताकि बंधकों को नुकसान न हो।” नेतन्याहू से जल्दी बातचीत की अपील। कतर के माजिद अल-अंसारी ने हमास के एग्रीमेंट को वेलकम किया है।
















