हम लोग आम तौर पर कुछ भी खोजने के लिए विकिपीडिया का सहारा लेते हैं और यह मानते हैं कि वहाँ पर सच्चाई या कहें तथ्यात्मक जानकारी मिलेगी। मगर विकिपीडिया पर तथ्य नहीं एजेंडा चलता है, जो पूर्व में कई बार सामने भी आया है। विकीपीडिया के पूर्व संस्थापक लैरी सेंगर ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होनें opindia का एक लेख साझा करते हुए एक्स पर यह पोस्ट लिखा है कि “विकिपीडिया पर यह आरोप लगातार लगते हैं कि वह इस्रायल के खिलाफ भेदभाव करता है, मगर विकिपीडिया हिंदुओं के प्रति जो पक्षपात करता है, उसके विषय में बहुत ही कम लिखा गया है! और इसके प्रमाण भी हैं।
हिंदू विरोधी अभियान की शुरुआत
विकीपीडिया हिन्दू विरोधी है, यह अभियान वर्ष 2020 में भारत के कुछ राष्ट्रवादी पत्रकारों और भाजपा नेता नूपुर शर्मा द्वारा आरंभ किया गया था। हालांकि यह भी बात सत्य है कि उससे पहले भी ये बातें उठी थीं कि विकीपीडिया हिन्दू विरोधी है और उस पर लेफ्ट विचारधारा वाले लोगों का कब्जा है।
जय श्रीराम और विकिपीडिया का विवाद
विकिपीडिया के कई पृष्ठों को लेकर लोगों के मन में बहुत ही क्रोध था। विकीपीडिया ने “जय श्रीराम” के नारे वाले पृष्ठ पर इसे वार क्राइ अर्थात युद्ध घोष बताया था। हालांकि इसमें घेरा भारतीय जनता पार्टी को था कि कैसे उसने जय श्रीराम के नारे को हिन्दुत्व की दृश्यता दिखाने के लिए प्रयोग किया और इसे दूसरे मतों के लोगों के खिलाफ सांप्रदायिक अत्याचार करने के लिए एक “युद्ध घोष” के रूप में प्रयोग किया।
दान अपील और आक्रोश
दरअसल विकिपीडिया ने वर्ष 2020 में लोगों से दान की अपील की थी। इस पर भारत के लोग भड़क गए थे और लोगों ने कहा था कि भारत और हिंदुओं से घृणा करने वाले विकिपीडिया को पैसे क्यों देने चाहिए? अभिजीत मजूदमदार ने वर्ष 2020 में विकीपीडिया के हिन्दू विरोध पर लिखा था। उन्होनें हिन्दू जनजागृति समिति के विकीपीडिया पेज के विवरण को साझा करते हुए लिखा था कि “हिंदू जनजागृति समिति एक ऐसा संगठन है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदू अधिकारों के लिए काम करता है। इसका हिंसा या हिंसा भड़काने का कोई इतिहास नहीं है। लेकिन देखिए कि विकी संपादक ने इसके लिए क्या लिखा है?”
हिंदू जनजागृति समिति और विकिपीडिया
दरअसल विकीपीडिया ने हिन्दू जनजागृति समिति के विषय में उस समय लिखा था, कि यह एक फासीवादी हिन्दू संगठन है। हालांकि अब इसे एक दक्षिणपंथी हिन्दू संगठन के रूप में लिखा है।
फिल्मों पर विकिपीडिया का दृष्टिकोण
विकीपीडिया ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द बंगाल फाइल्स को भी प्रोपोगैंडा फिल्म पहले लिखा था। इसमें पहले लिखा था कि द बंगाल फाइल्स वर्ष 2025 की एक भारतीय हिन्दी भाषा की राजनीतिक ड्रामा प्रोपोगैंडा फिल्म है और जिसका लेखन और निर्देशन विवेक अग्निहोत्री ने किया है। हालांकि इस पर भी जब विवाद हुआ और आलोचना हुई तो इसे बदल दिया गया।
आतंकी हमले और पक्षपातपूर्ण व्याख्या
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भी इसमें प्रोपोगैंडा से भरी हुई बातें हैं। जैसे कि इसमें हमला करने वाली द रेसिस्टेंस फ्रंट के विषय में लिखा है कि वह “बाहरी लोगों” को कश्मीर की नागरिकता देने के विरोध में है और जो भी भारतीय कश्मीर में बसने की मंशा से आता है तो उसे आरएसएस का एजेंट समझा जाएगा न कि एक नागरिक के रूप में और उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा!” मगर इसमें वह यह नहीं लिखता है कि यह केवल हिंदुओं का ही विरोध है।
केंद्र सरकार का नोटिस
वर्ष 2024 में केंद्र सरकार ने विकीपीडिया को नोटिस भेजा था कि विकीपीडिया के खिलाफ पक्षपात और त्रुटिपूर्ण जानकारी देने की शिकायतें आई हैं और सरकार ने पूछा था कि विकीपीडिया को क्यों एक मध्यस्थ न मानकर प्रकाशक माना जाए? सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नोटिस में यह कहा था कि ऐसी धारणा है कि एक सीमित समूह के पास साइट की सामग्री पर संपादकीय नियंत्रण है।
लव जिहाद और विकिपीडिया
विकीपीडिया लव जिहाद को भी दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचारित इस्लामोफोबिक षड्यंत्रपूर्ण थ्योरी कहता है। इसके लव जिहाद वाले पेज पर लिखा है कि यह थ्योरी यह दावा करती है कि मुस्लिम आदमी, भारत के विरुद्ध मुसलमानों द्वारा अपनी जनसंख्या बढ़ा कर जनसांख्यिकीय “युद्ध” तथा हिंदुओं को प्रतिस्थापित करने के माध्यम से प्रभुत्व स्थापित करने के लिए एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र के अंतर्गत, प्रलोभन, प्रेम का दिखावा, धोखे, अपहरण और विवाह जैसे तरीकों से हिंदू महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए निशाना बनाते हैं। इसमें लिखा है कि यह थ्योरी श्वेत राष्ट्रवादी षड्यन्त्र थ्योरी और यूरो अमेरिकन इस्लामोफोबिया के जैसे ऐतिहासिक घृणा अभियानों के जैसा अभियान है। मगर वह उन तमाम घटनाओं के बारे में नहीं लिखता है, जो हिन्दू या कहें गैर मुस्लिम लड़कियों के साथ हो रही हैं।
जोगेन्द्र नाथ मंडल का प्रसंग
Kausik Gangopadhyay नामक एक यूजर ने पाकिस्तान के कानून और श्रम मंत्री जोगेन्द्र नाथ मण्डल के भारत आने पर भी विकीपीडिया के झूठ को अपनी एक पोस्ट में लिखा था। https://x.com/kausikgy/status/1778249449279779183? उन्होनें लिखा था कि हर कोई जानता है कि जोगेन्द्रनाथ मण्डल के साथ क्या हुआ था। और इसमें कोई बहस की बात ही नहीं है कि उन्होनें भारत आने के बाद 8 अक्टूबर 1950 को एक विस्तृत पत्र लिखा था। और जिसमें उन्होनें लिखा था कि कैसे हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। और उन्होनें साफ लिखा था कि “बहुत ही चिंताजनक और लम्बे संघर्ष के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि पाकिस्तान में हिंदुओं के रहने के लिए कोई स्थान नहीं है और उनके साथ भविष्य में या तो धर्मांतरण होगा या फिर उन्हें देश छोड़कर जाना होगा!” कौशिक गंगोपाध्याय ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि विकिपीडिया ने ये शब्द नहीं लिखे थे।
ऐसे एक नहीं तमाम उदाहरण हैं, जिनसे यह लगातार पता चला कि विकीपीडिया हिन्दू विरोधी है और अब तो उसके पूर्व संस्थापक ने ही यह कहा है कि इस पर बात होती ही नहीं है कि विकीपीडिया किस सीमा तक हिन्दू विरोधी है।















