वॉशिंगटन (हि.स.) । अमेरिका में संघीय बजट पास न होने के कारण सरकार को शटडाउन का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीनेट से फंडिंग बिल पास नहीं करवा पाए, जिससे यह संकट गहराता जा रहा है।
सीनेट में ट्रंप को बड़ा झटका
मंगलवार देर रात बिल पर हुए मतदान में समर्थन में 55 और विरोध में 45 वोट पड़े। प्रस्ताव को पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी। ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को कम से कम सात डेमोक्रेट सांसदों के समर्थन की जरूरत थी, लेकिन यह संख्या पूरी नहीं हो सकी।
1.7 लाख करोड़ डॉलर के बजट पर विवाद
संघीय एजेंसियों के संचालन के लिए 1.7 लाख करोड़ डॉलर का बजट प्रस्तावित किया गया था। यह अमेरिकी बजट का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। प्रस्ताव गिरने के बाद ट्रंप प्रशासन के पास फंडिंग की कमी हो गई है। ऐसे में कई सरकारी कामकाज ठप पड़ सकते हैं।
शटडाउन का मतलब और असर
अमेरिकी कानून के तहत जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होता, तब तक कई गैर-जरूरी विभाग और सेवाएं बंद करनी पड़ती हैं। इसे ही शटडाउन कहा जाता है। इससे सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों दोनों पर असर पड़ता है।
सरकारी कर्मचारियों पर सीधा असर
अमेरिका में 01 अक्टूबर से नया वित्त वर्ष शुरू होता है। शटडाउन लागू होने पर लगभग 40% यानी करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है।
इतिहास में शटडाउन की घटनाएं
सात साल बाद यह पहली बार होगा जब फंड की कमी की वजह से अमेरिकी सेवाएं प्रभावित होंगी। 2018 में ट्रंप के कार्यकाल में भी 34 दिन तक शटडाउन चला था। पिछले 50 वर्षों में 20 बार अमेरिका को शटडाउन का सामना करना पड़ा, जिनमें से तीन बार ट्रंप के कार्यकाल में ही हुआ।

















