मुज्जफराबाद (हि.स.)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लगातार तीसरे दिन बुधवार को हिंसक प्रदर्शन जारी रहे। सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम आठ नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
जेकेजेएएसी की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीओके में जम्मू कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) की अगुआई में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने पिछले 72 घंटों से आम जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है।
हिंसक झड़पों में मौतें और झगड़े
सूत्रों ने बताया कि बाग जिले के धीरकोट में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि मुजफ्फराबाद और मीरपुर में दो-दो नागरिकों के मारे जाने की खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को रोकने के लिए पुलों पर रखे बड़े शिपिंग कंटेनरों पर पत्थरबाजी की और उन्हें नदी में पलट दिया।
लॉकडाउन और इंटरनेट बंद
पीओके में पूरी तरह से लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, बाज़ार, दुकानें और स्थानीय व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़े हैं। परिवहन सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
प्रदर्शनकारियों का सरकार को अल्टीमेटम
जेकेजेएएसी नेता शौकत नवाज़ मीर ने कहा, “हमारा आंदोलन 70 से अधिक वर्षों से वंचित रखे गए मौलिक अधिकारों के लिए है। या तो हमें अधिकार दिलाएं या जनता के गुस्से का सामना करें।” उन्होंने शहबाज़ शरीफ़ सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बुधवार का हमला केवल “प्लान ए” था और यह आंदोलन अभी और आगे बढ़ेगा।

















