नई दिल्ली (हि.स.) । केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मोदी सरकार पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की मुलाकात
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को नई दिल्ली में गृह मंत्री से भेंट कर राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी और राहत एवं पुनर्वास के लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग की। अमित शाह से मुलाकात के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब तक 13,800 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है, लेकिन यह बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हर संकट में पंजाब देश के साथ खड़ा रहा है, अब जब पंजाब पर संकट है, तो देश को भी पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष की उपलब्धता
गृह मंत्रालय के अनुसार बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में पंजाब के पास 12,589.59 करोड़ रुपये की पर्याप्त राशि उपलब्ध है, जिसे प्रभावित लोगों की तात्कालिक सहायता एवं पुनर्स्थापना कार्यों में प्रयोग किया जा सकता है।
केंद्र सरकार का सहयोग
केंद्र सरकार ने हाल ही में आई बाढ़ के दौरान खोज, बचाव और पुनर्स्थापना कार्यों में सभी केंद्रीय एजेंसियों से हरसंभव सहयोग दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 सितंबर को स्वयं पंजाब पहुंचे थे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया था। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की सहायता राशि में से 805 करोड़ रुपये (जिसमें 170 करोड़ रुपये एनएचएआई द्वारा स्वीकृत हैं) पहले ही राज्य सरकार और लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत जारी किए जा चुके हैं। शेष राशि राज्य सरकार से आवश्यक विवरण प्राप्त होने पर जारी की जाएगी।
अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल का गठन
इसके अलावा, एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) का गठन 1 सितंबर को ही कर दिया गया था, बिना राज्य का ज्ञापन प्राप्त किए। इस दल ने 3 से 6 सितम्बर तक राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से विस्तृत ज्ञापन अभी तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। ज्ञापन प्राप्त होने पर केंद्र सरकार इसे स्वीकृत मानकों के तहत विचारार्थ लेगी।
रिकवरी एवं पुनर्निर्माण योजना के दिशा-निर्देश
गृह मंत्रालय ने राज्यों को आजीविका और क्षतिग्रस्त ढांचे की बहाली हेतु रिकवरी एवं पुनर्निर्माण योजना तैयार करने का भी सुझाव दिया है। इसके लिए 14 अगस्त 2024 को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अंतर्गत रिकवरी एवं पुनर्निर्माण फंडिंग विंडो संबंधी दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।















