नवरात्रि के पावन अवसर पर शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान अलग-अलग जगहों से गाजे-बाजे के साथ माता का जयकारा लगाते हुए दुर्गा की मूर्तियों को लेकर अपने पंडाल तक लेकर जाते हैं। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के पास कोथला गांव में भी शिव प्रतिष्ठान की ओर से पिछले कई वर्षों से दुर्गा माता की शोभायात्रा निकाली जाती है। इस दौरान सड़क के बीचों बीच रंगोली बनाई जाती है और उसमें ‘जय दुर्गा माता’ लिखा जाता है। श्रद्धालु सड़क के दोनों किनारे पर कतार में खड़े होकर माता का जयकारा लगाते हैं। हर वर्ष की तरह सोमवार (29 सितंबर) की सुबह भी माता दुर्गा की शोभायात्रा निकाली गई, लेकिन इस बार इसमें कुछ उपद्रवियों भी शामिल हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माता दुर्गा की शोभायात्रा में उपद्रवियों के जबरन घुसने और असामाजिक गतिविधियों के कारण हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुईं हैं। इस घटना के सामने आने के बाद हिंदू समुदाय ने आक्रोश व्यक्त किया और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, जिसके बाद इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया।
मुंबई में धार्मिक कट्टरपंथियों ने देवी की मूर्ति तोड़ी
पिछले हफ्ते नवरात्रि की पूर्वसंध्या पर मुंबई के गोवंडी इलाके के अन्नाभाऊ साठे नगर में मां दुर्गा की मूर्ति को स्थापना के लिए ले जाते समय मस्जिद के पास विवाद हो गया। हिंदुओं द्वारा देवी के जयकारे लगाने और मस्जिद के पास से मूर्ति ले जाने को लेकर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने आपत्ति जताई। इसको लेकर दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, यह प्रतिमा एक संकरी गली से गुजर रही थी, तभी कुछ लोगों ने देखा कि मूर्ति टूटी हुई है। इस पर एक समुदाय ने कट्टरपंथी मुस्लिमों पर मूर्ति खंडित करने का आरोप लगाया। इससे दोनों समुदायों में बहस तेज हो गई और देखते ही देखते यह झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बयान सुनने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। वहीं, कट्टरपंथियों द्वारा माता दुर्गा की मूर्ति तोड़े जाने से गुस्साए भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मस्जिद के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया।
हर साल ‘श्री दुर्गा माता दौड़’ का आयोजन
युवा पीढ़ी में हिंदू धर्म, राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ाना देने के लिए शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान की ओर से हर साल नवरात्रि पर ‘श्री दुर्गा माता दौड़’ का आयोजन किया जाता है। यह दौड़ भगवा ध्वज के साथ विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में निकाली जाती है, जिसमें युवक-युवतियां उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं और ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के नारे लगाते हैं। यह आयोजन मुख्य रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और हिंदू धर्म की संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। सोशल मीडिया पर ‘श्री दुर्गा माता दौड़’ के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें युवक-युवतियों का माता के प्रति प्रेम और उत्साह साफ देखा जा सकता है।

















