बरेली शहर में हुए उपद्रव मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। रविवार को पुलिस ने 22 और लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनमें से 16 लोगों पर उपद्रव करने और 6 पर मौलाना तौकीर रजा खां की गिरफ्तारी के बाद भीड़ को भड़काने का आरोप है। इस तरह अब तक मौलाना तौकीर रजा समेत कुल 34 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा 26 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उपद्रव और एफआईआर- पिछले शुक्रवार को हुई घटना में भीड़ ने पथराव और फायरिंग की थी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। कोतवाली में 5, बारादरी में 2,किला, कैंट और प्रेमनगर थाने में 1-1 एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें 125 लोगों को नामजद और लगभग 3,000 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपियों ने मांगी माफी- पुलिस ने जब आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया तो अधिकतर ने हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे बहकावे में आकर बवाल में शामिल हुए थे और आगे कभी ऐसा नहीं करेंगे। आरोपियों में चक महमूद का रहने वाला मोईन उर्फ “चोटीकटवा” भी शामिल है, जिसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर चुका है। जांच में सामने आया है कि सात थाना क्षेत्र के 5 पार्षदों और 77 लोगों ने भीड़ को खलील स्कूल तिराहे की ओर भेजा। इनमें से एक पार्षद गिरफ्तार हो चुका है, जबकि 4 और की भूमिका की जांच चल रही है। रविवार को हालात काफी हद तक सामान्य रहे। कुछ इलाकों में अफवाहें जरूर फैलीं, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सोमवार को बाजार और गलियों में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल रही। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने ड्रोन से निगरानी की और एसएसपी अनुराग आर्य व एसपी सिटी मानुष पारीक ने पुलिस बल के साथ रूट मार्च भी किया।
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प्रशासन की सख्ती- शांति बनाए रखने के लिए 25 नवंबर तक धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (धारा-144 जैसी रोक) लागू की गई है। यानी किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। इसके लिए प्रशासन ने जिले को 4 सुपर जोन, 8 जोन और 31 सेक्टरों में बांटा है। 100 से ज्यादा मजिस्ट्रेट अलग-अलग इलाकों में तैनात किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि उपद्रव में 25 नाबालिग शामिल थे, जो ज्यादातर बिहारीपुर, कांकरटोला, सैलानी, कुमार टॉकीज और खलील स्कूल तिराहा इलाके के रहने वाले हैं। अब उनके अभिभावकों पर कार्रवाई के लिए कानूनी पहल की जा रही है।
सोशल मीडिया की भूमिका- जांच में सामने आया कि नफीस और लियाकत ने व्हाट्सएप कॉल और ग्रुप के जरिए भीड़ जुटाई। यहां तक कि मौलाना तौकीर रजा भी व्हाट्सएप कॉल से आरोपियों के संपर्क में थे। लोगों को मैसेज कर नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड की ओर जाने के लिए कहा गया था। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों की पूरी कुंडली खंगाल रही है और लगातार दबिश दे रही है।

















