पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) में इन दिनों हाहाकार मचा हुआ है। पाकिस्तानी सरकार के अत्याचारों से आजिज लोग बुनियादी चीजों के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। पीओजेके में स्वास्थ्य, पढ़ाई, साफ पानी, सड़कें, सब कुछ अधर में लटका है। ऐसे में अब नीलम वैली पब्लिक एक्शन कमेटी के लीडर शौकत नवाज मीर ने गुस्से में पूरा इलाका बंद करने का ऐलान कर दिया। उनका कहना है कि सरकार सालों से लोगों की पुकार सुन ही नहीं रही, भ्रष्टाचार चरम पर है, पैसे तो राजनीतिक संरक्षण और रिश्वतखोरी में उड़ रहे हैं। अब सब्र की भी सीमा है, कुछ बड़ा होने वाला है क्या?
शौकत नवाज की चेतावनी: ‘सब्र टूट चुका, अब बंदी जरूरी
‘शौकत नवाज मीर, जो कमेटी के स्पोक्सपर्सन भी हैं, ने साफ कहा कि ये शटडाउन सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सीधी चोट है। लोग बीमार पड़ें तो इलाज नहीं, बच्चे पढ़ें तो स्कूल नहीं, पानी गंदा हो तो पीने को कुछ नहीं। फंड आते हैं, लेकिन कहीं नजर नहीं आते – सब पॉलिटिशियन की जेबें भरने में लग जाते हैं। मीर ने चेताया कि अगर मांगें नहीं मानीं, तो पूरे पीओके में हड़ताल होगी, जीवन ठप हो जाएगा। उनके इस बयान से हवा में तनाव घुल गया, लोग सोशल मीडिया पर बहस कर रहे हैं।
ताकत से विरोध को कुचलने पर उतारू पाकिस्तान
दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सरकार लोगों की परेशानियों का हल करने की जगह उन्हें कुचलने की कोशिशों में लगी हुई है। पीओजेके में पाकिस्तानी प्रशासन का कहना है कि विरोध को किसी भी हाल में कुचल दिया जाएगा, बल प्रयोग से नहीं हिचकेंगे। लोगों का कहना है कि ये तो असहमति को दबाने की साजिश है। नागरिक समाज चिल्ला रहा है कि दमन से आग और भड़केगी, अशांति फैलेगी। लेकिन सरकार टस से मस नहीं हो रही।
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वकीलों ने कहा- ‘ये लोकतंत्र का हक, कुचलना गलत’
मुफ्तीराबाद के सीनियर वकील ने खुलकर एक्शन कमेटी का समर्थन किया। उनका कहना है, “लोगों की फरियाद सुनो, दबाओ मत। ये उनका हक है।” पूरी कानूनी कम्युनिटी प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी है, कंधा से कंधा मिलाकर। वो सरकार से अपील कर रहे हैं कि बातचीत से समस्या सुलझाओ, न कि लाठियों से।
बाजार-पार्टी सब बंद
अगर शटडाउन हुआ, तो पीओजेके ठहर जाएगा। दुकानें-बाजार बंद, बसें-ट्रक रुक जाएंगे, स्कूल-हॉस्पिटल भी प्रभावित। विभिन्न जिलों की एक्शन कमेटियां लोगों को जोड़ रही हैं – पारदर्शी फंडिंग, आरक्षण खत्म, लोकल गवर्नमेंट में भ्रष्टाचार रोकने की मांगें। जॉइंट अवामी प्लान से सब एकजुट हो रहे हैं, नजरें टिकी हैं कि आगे क्या होता है।
















