देहरादून। उत्तराखंड में संपन्न हुए छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् को प्रचंड सफलता प्राप्त हुई है। छात्रशक्ति ने अपने अपार स्नेह और आशीर्वाद से एक बार फिर यह प्रमाणित कर दिया है कि उनका अडिग विश्वास सदैव उस संगठन के साथ रहा है, जो निष्ठापूर्वक छात्रहितों की रक्षा और राष्ट्रनिर्माण के पथ पर अग्रसर रहता है।
यह विजय केवल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नहीं, बल्कि उस संपूर्ण युवा शक्ति की है जो राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानते हुए शिक्षा और संस्कार के संग राष्ट्र पुनर्निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प रखती है।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर में अध्यक्ष पद पर महिपाल बिष्ट व जी.आर. पद पर विदिशा सिंह ने जीत हासिल की। उत्तराखंड के डीएवी कॉलेज, देहरादून में एक बार फिर छात्रशक्ति ने यह सिद्ध कर दिखाया कि उनका अटूट विश्वास केवल और केवल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर है। अध्यक्ष पद पर ऋषभ मल्होत्रा का निर्वाचित होना इस बात का प्रमाण है कि आज का विद्यार्थी न तो भटकना चाहता है और न ही अवसरवादी राजनीति का शिकार होना चाहता है। परिषद् ने श्री देव सुमन विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश, डॉ पीताम्बर दत्त बर्थवालस्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार ,एलएसएम पिथौरागढ़,एमबीपीजी हल्द्वानी,राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गैरसैंण जैसे प्रमुख केंद्रों पर भी छात्रसंघ में विजय हासिल की है।
उत्तराखंड में संपन्न हुए छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने—
58 अध्यक्ष
52 उपाध्यक्ष
47 महासचिव
51 कोषाध्यक्ष
50 सह सचिव
62 विश्वविद्यालय प्रतिनिधि
6 सांस्कृतिक सचिव
6 छात्रा उपाध्यक्ष
सहित कुल 332 पदों पर जीत का भगवा परचम फहराया।
परिषद के प्रदेश मंत्री ऋषभ रावत ने कहा कि यह विजय केवल परिषद की विजय नहीं, बल्कि हर उस विद्यार्थी की विजय है जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है, संघर्ष और संगठन को ही जीवन का मूल मंत्र मानता है। सैन्य भूमि उत्तराखंड में भगत सिंह जी की जयंती के दिन यह विजय वीर बलिदानियों के आशीर्वाद से मिली विजय है और यह जीत उत्तराखंड की जीत है, पहाड़ की जीत है।
















