नैनीताल : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के सरस्वती शिशु मंदिर में भारतीयता की, संस्कृति की शिक्षा मिलती है। उन्होंने मेधावी बच्चों को सम्मानित किए जाने की परम्परा का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे ऐसे कार्यक्रमों में जाना अच्छा लगता है क्योंकि यहां मेरा बचपन लौट आता है। वह नैनीताल स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय में भारतीय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में संबोधन दे रहे थे।
मुख्यमंत्री धामी ने सरस्वती शिशु मंदिर में मिलने वाली शिक्षा को भारतीय परम्पराओं से जुड़ा और देवभूमि की संस्कृति से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि यहां से निकले बच्चे अब देश-दुनिया में संस्थान का और अपने परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं।
इस अवसर पर विद्याभारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू ने कहा कि उत्तराखंड में विषम परिस्थितियों में भी शिशु मंदिरों द्वारा शिक्षा दी जा रही है और इनमें वर्तमान में एक लाख से अधिक बच्चे राष्ट्रीयता से जुड़ कर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। भारतीय शिक्षा समिति के सचिव रजनीकांत शुक्ला ने सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धा के आंकड़े प्रस्तुत किए और मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं दी।
विद्याभारती विद्यालयों के निरीक्षक डॉ.विजय पाल सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट के टॉप 10 में शामिल 8 बच्चों को और टॉप 25 में शामिल 41 बच्चों को सम्मानित किया गया, जबकि हाई स्कूल में टॉप 10 में शामिल 30 और टॉप 25 में शामिल 129 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ शैलेन्द्र जी ने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ नरेंद्र सिंह भंडारी ने अतिथियों का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की तरफ से अतिथियों का स्वागत अरुण अग्रवाल ” श्याम जी” ने किया। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, रामसिंह केड़ा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, अनिल कपूर डब्बू, दीपेंद्र कोशियारी, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, भावना नेगी, नितिन कार्की, डॉ सूर्य प्रकाश, आयुक्त दीपक रावत,आई जी रिद्धिम अग्रवाल,डीएम वंदना सिंह, एसएसपी प्रह्लाद मीणा ,विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर, विशाल मिश्रा मौजूद रहे।

















