अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और विवादित कदम उठाया है। उन्होंने अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को निर्देश दिया कि वह पोर्टलैंड शहर में संघीय सैनिक भेजे। ट्रंप का कहना है कि यह कदम उन्होंने देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया है। इस फैसले की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रूथ सोशल” पर दी।
पिछले कुछ समय से पोर्टलैंड शहर में लगातार विरोध-प्रदर्शन, आगजनी और हिंसा की खबरें आ रही थीं। ट्रंप ने दावा किया कि वहां एंटिफा (एक उग्र-वामपंथी संगठन) और अन्य कथित घरेलू आतंकवादी हालात को और बिगाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि ये लोग हर रात आगजनी, सरकारी इमारतों पर हमला और अफरातफरी फैला रहे हैं। ट्रंप का यह भी कहना है कि यह स्थिति पिछले कई सालों से बनी हुई है, लेकिन अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ट्रंप का बयान- ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि वह अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को आदेश दे रहे हैं कि वे पोर्टलैंड और अन्य जरूरी स्थानों जैसे ICE (Immigration and Customs Enforcement) फैसिलिटीज की सुरक्षा के लिए तुरंत सैनिक भेजें। उन्होंने आगे कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो सैनिकों को पूरी ताकत से कार्रवाई करने की अनुमति दी जाएगी। ट्रंप ने अपने बयान में इन प्रदर्शनकारियों को “अराजकतावादी” और “पेशेवर भड़काने वाले” बताया, जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं। ट्रंप का यह कदम क्रिस्टी नोएम, जो अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री हैं की सलाह पर लिया गया। नोएम ने राष्ट्रपति से आग्रह किया था कि पोर्टलैंड की बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सैन्य हस्तक्षेप जरूरी हो गया है। उनका मानना है कि स्थानीय प्रशासन इस समस्या को नियंत्रित करने में असफल रहा है।
ट्रंप ने पोर्टलैंड की हालत की तुलना युद्धक्षेत्र से की। उन्होंने कहा कि जो कुछ वहाँ हो रहा है, वह किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं। उन्होंने इसे “सबसे हिंसक उदाहरण” बताया और कहा कि यह घटनाएं हर रात हो रही हैं। ट्रंप के अनुसार, प्रदर्शनकारी अब सिर्फ अपनी बात नहीं कह रहे, बल्कि देश को नुकसान पहुँचा रहे हैं। सितंबर महीने की शुरुआत में भी ट्रंप ने पोर्टलैंड की आलोचना करते हुए कहा था कि वहाँ रहना किसी नरक में रहने जैसा है। उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि वह पोर्टलैंड में और अधिक संघीय बलों को भेजने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने इसी तरह की चेतावनी वॉशिंगटन डीसी, शिकागो और बाल्टीमोर जैसे शहरों के लिए भी दी थी। ट्रंप का कहना है कि यह सब उनकी उस अपराध के खिलाफ सख्त नीति का हिस्सा है जिसमें वे अमेरिका के बड़े शहरों में बढ़ते अपराध, अव्यवस्था और अराजकता को खत्म करना चाहते हैं। ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा शासित शहरों में अपराध का स्तर बहुत अधिक है और वहां की सरकारें इसे नियंत्रित नहीं कर पा रही हैं।

















