देश की राजधानी दिल्ली स्थित नेशनल म्यूजियम से 2500 ईसा पूर्व की मूर्ति चोरी कर ली गई। जिस मूर्ति को चोरी कर लिया गया वो ‘डांसिंग गर्ल’ की है, जो कि सिंधु घाटी सभ्यता के काल की है। इस मामले में सीआईएसएफ ने एक सर्मन मुखर्जी नाम के एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बताया जा रहा है कि ये वारदात 20 सितंबर को दोपहर 2:40 बजे की है। आरोपी ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को बताया कि वो मूर्ति की खूबसूरती पर फिदा हो गया था, जिससे प्रेरित होकर उसने इसे चोरी किया।
चोरी की पूरी कहानी
इसकी पूरी कहानी कुछ यू्ं है कि 20 सितंबर 2025 को नेशनल म्यूजियम, जनपथ, नई दिल्ली में सब कुछ सामान्य चल रहा था। प्रोफेसर सर्मन मुखर्जी, जो अशोका यूनिवर्सिटी, सोनीपत, हरियाणा में पढ़ाते हैं, वहां घूमने आए थे। बंगाल के मूल निवासी ये प्रोफेसर बेहद पढ़े-लिखे हैं, लेकिन ‘डांसिंग गर्ल’ की ब्रॉन्ज रेप्लिका को देखते ही उनका दिल धड़क गया। वो इतने ललचाए कि उसे जेब में डालकर निकलने की कोशिश कर बैठे। म्यूजियम में रखी ये नकल मूल मूर्ति की तरह ही आकर्षक है – एक नाचती हुई लड़की की मुद्रा, जो हजारों साल पुरानी सभ्यता की झलक देती है।
इस मामले में संदिग्ध को पकड़ने के बाद म्यूजियम के एक कर्मचारी निखिल कुमार को सीआईएसएफ वालों ने फोन किया। वो तुरंत स्पॉट पर पहुंचे और कार्तव्य पथ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लिखा था कि दोपहर करीब 2:40 बजे चोरी की जानकारी मिली। म्यूजियम की सिक्योरिटी में तैनात सीआईएसएफ ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। वो प्रोफेसर को पकड़कर ले आए, और नकल उनके पास से बरामद हो गई। पुलिस को सौंपते वक्त सीआईएसएफ ने कहा कि संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है।
इसे भी पढ़ें: ‘अब इन्हें वैक्सीन भी हलाल चाहिए’, खसरे से जूझ रहे इंडोनेशिया के मुस्लिमों की हिचक बनी मुसीबत
आरोपी बोला-सुंदरता पर हो गया था मोहित
आरोपी प्रोफेसर सर्मन मुखर्जी को थाने ले जाने के बाद जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की तो वो हिंदी नहीं बोल पा रहे थे। वो ज्यादातर इंग्लिश में ही बात करते रहे। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि ‘डांसिंग गर्ल’ की खूबसूरती ने उन्हें लुभा लिया। आरोपी ने कहा, “मैं घूमने आया था, लेकिन ये इतनी सुंदर लगी कि चुरा लेने का मन हो गया।” पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रोफेसर काफी पढ़े-लिखे हैं। वो यहां आए तो घूमने की ही नीयत से थे, लेकिन अपनी लालच को रोक नहीं सके। म्यूजियम स्टाफ ने बताया कि नकल मूल की तरह ही वैल्यूएबल है, भले ही असली न हो।

















