भारत लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को दुरुस्त कर रहा है। इसी क्रम में इंडियन आर्मी ने अब स्वदेशी अनंत शस्त्र यानी क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM) सिस्टम की तीन रेजिमेंट्स खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये सिस्टम डीआरडीओ ने बनाया है और इसकी कीमत करीब 30 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये हथियार 30 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक आने वाले दुश्मन विमानों, हमलावर हेलीकॉप्टर्स, ड्रोनों, रॉकेट्स और मिसाइलों को भांपकर धूल चटा सकता है। इसी हफ्ते सेना ने इसके लिए टेंडर जारी किया है।
कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ हुए द्वंद के बाद रक्षा तैयारियों को भविष्य के लिहाज से और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से ये कदम उठाए गए हैं।
अनंत शस्त्र QRSAM सिस्टम
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस डिफेंस सिस्टम को देश में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) जैसी सरकारी रक्षा कंपनियों की मदद से तैयार किया जाएगा। इसमें 360 डिग्री का रडार है, जो हर तरफ से नजर रखता है, साथ ही जैमिंग शील्ड जो दुश्मन की इलेक्ट्रॉनिक चालाकी को नाकाम कर देगी। मोबाइल लॉन्चर और ऑल-वेदर ट्रैकिंग सिस्टम भी है, जो 8×8 वाले हाई-मोबिलिटी वाहनों पर फिट है। ये टैंकों, पैदल सेना के फाइटिंग व्हीकल्स और तोपखाने को हवाई हमलों से बचाएगा। सेना को लंबे समय में कुल 11 ऐसी QRSAM रेजिमेंट्स चाहिए। वायुसेना भी तीन स्क्वाड्रन जोड़ने की तैयारी कर रही है।
क्या हैं विशेषताएं?
QRSAM की सबसे बड़ी ताकत ये है कि ये जल्दी सर्च करता है, ट्रैक करता है और फायरिंग भी तेजी से कर देता है। मैदानी इलाकों, रेगिस्तान और पहाड़ों में ये सैन्य टुकड़ियों के लिए परफेक्ट है। 6 से 10 किलोमीटर ऊंचाई पर 30 किलोमीटर दूर तक के खतरे को नेस्तनाबूद कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का भी सामना करने लायक डिजाइन है। ये सेना के आकाशतीर कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क से जुड़ेगा, ताकि दुश्मन के विमान, स्वार्म ड्रोन्स और लॉइटरिंग म्युनिशन्स जैसे नए खतरे आसानी से झेल सकें।
गौरतलब है कि भारत लंबे वक्त से ढाई मोर्चे पर जंग को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां कर रहा है। क्योंकि एक तरफ चीन तो दूसरी तरफ पाकिस्तान से लगातार सीमा पर घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं।

















