बार-बार निशाने पर सनातन धर्म : एक साल में बढ़ती घटनाओं ने खड़े किए गंभीर सवाल? अब मुंबई से आया सामने मामला
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बार-बार निशाने पर सनातन धर्म : एक साल में बढ़ती घटनाओं ने खड़े किए गंभीर सवाल? अब मुंबई से आया सामने मामला

मुंबई मस्कारा आर्ट गैलरी में हिंदू देवी-देवताओं के विवादित चित्र, पढ़िए यूपी, गुजरात, तमिलनाडु समेत देशभर में सनातन धर्म को निशाना बनाने की घटनाओं का विश्लेषण।

Written byडाॅ. मयंक चतुर्वेदीडाॅ. मयंक चतुर्वेदी
Sep 27, 2025, 06:28 pm IST
in भारत, विश्लेषण
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

धर्मनिरपेक्षता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में क्या किसी धर्म विशेष को बार-बार निशाना बनाया जा सकता है? क्या आर्ट, एक्टिविज्‍म या राजनीति के नाम पर करोड़ों आस्थावानों की धार्मिक भावनाओं को आहत करना जायज है? पिछले एक साल यानी वर्ष 2025 में देशभर में घटी कई घटनाओं ने यह सवाल और भी गंभीर बना दिया है। इन घटनाओं में खासकर हिंदू धर्म को निशाना बनाया गया, कभी देवी-देवताओं का अश्लील चित्रण कर, तो कभी मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों पर हमले कर। अब ताजा विवाद मुंबई से सामने आया है।

दरअसल, कोलाबा की मस्कारा आर्ट गैलरी में आयोजित एक प्रदर्शनी में मानव शरीर के साथ-साथ हिंदू देवी-देवताओं के कथित अश्लील कार्टून प्रदर्शित किए गए। शिकायत मिलने पर कोलाबा पुलिस ने गैलरी मालिक अभय मस्कारा और कार्टूनिस्ट टी. वैकण्णा के खिलाफ बीएनएस की धारा 294, 295, 299 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गैलरी में भगवान शिव और मां काली के आपत्‍त‍िजनक चित्र लगाए गए थे। खास बात यह कि कहीं भी यह सूचना नहीं थी कि यह प्रदर्शनी केवल वयस्कों के लिए है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

उल्‍लेखनीय है कि यह विवाद ऐसे समय में आया है, जब देश में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद पहले से ही तनाव का कारण बना हुआ है।

यूपी : ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद से हिंसा

देश में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद के दौरान अब तक कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुआ “आई लव मोहम्मद” विवाद कुछ ही दिनों में बरेली और आसपास के जिलों तक फैल गया। जुमे की नमाज के बाद लगे पोस्टरों को लेकर हिंसा की गई। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

गुजरात के गांधीनगर जिले के बहियाल गांव में अल्पसंख्यक समुदाय ने विरोध में तोड़फोड़ और आगजनी की, जिसमें लगभग चार दुकानों और छह वाहनों को नुकसान पहुंचा। इसी तरह, कर्नाटक के दावणगेरे और मध्य प्रदेश के इंदौर में भी पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में पुलिस को आंसू गैस और लाठी चार्ज का सहारा लेना पड़ा।

राष्ट्रीय स्तर पर कानपुर से शुरू हुआ यह विवाद उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों के साथ महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, उत्तराखंड आदि राज्यों में फैल चुका है। इस दौरान कई जुलूस निकाले गए और आगजनी की कम से कम चार प्रमुख घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं और दर्जनों वाहन, दुकानें, सार्वजनिक संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें कई लोग घायल भी हुए, लेकिन अभी तक कुल घायल संख्या की आधिकारिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन अभी पूर्ण रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन दुकानों, वाहनों, और सार्वजनिक स्थानों को हुए नुकसान करोड़ों रुपए में आंका जा रहा है।

पिछले एक साल की अन्य बड़ी घटनाएं

मुंबई और यूपी की इन घटनाओं के अलावा पिछले एक साल में देशभर में कई और विवाद सामने आए, जिनमें हिंदू धर्म को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया।

1. तमिलनाडु में मंदिर तोड़फोड़

फरवरी 2025 में तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक प्राचीन मंदिर की मूर्तियों को तोड़ा गया। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की गई और बाद में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया था।

2. केरल में सोशल मीडिया पोस्ट

मार्च 2025 में केरल के कोझिकोड में एक कॉलेज प्रोफेसर ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा किया। पोस्ट वायरल होने पर छात्रों और संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। दबाव बढ़ने पर प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया और उसके खिलाफ आईटी एक्ट और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज हुआ।

3. राजस्थान में रामनवमी शोभायात्रा पर हमला

अप्रैल 2025 में राजस्थान के कोटा में रामनवमी की शोभायात्रा पर पत्थरबाजी हुई। कई श्रद्धालु घायल हुए और पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। जांच में सामने आया कि हमले की साजिश पहले से रची गई थी।

4. पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल विवाद

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल के थीम पर विवाद हुआ। आयोजकों ने पंडाल के अंदर “आधुनिक कला” के नाम पर देवी दुर्गा को एक राजनीतिक रूप में दिखाया, जिस पर कई हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। प्रशासन ने पंडाल से विवादित हिस्से को हटवाया।

5. आंध्र प्रदेश में मूर्ति विग्रह खंडित

जून 2025 में आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के एक प्राचीन मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति को तोड़ा गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में तनाव फैल गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

6. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और मीम्स

बीते वर्ष भर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कई बार अभद्र मीम्स और वीडियो वायरल हुए। भले ही शिकायतों के बाद कई अकाउंट्स बंद किए गए हों, लेकिन इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में तनाव बढ़ा।

आर्ट के नाम पर क्यों आहत हो रही आस्था?

बार-बार सामने आने वाली घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आर्ट की सीमा क्या है। आलोचकों का कहना है कि किसी भी कला को स्वतंत्रता दी जानी चाहिए, लेकिन जब आर्ट के नाम पर देवी-देवताओं को अश्लील या विवादित रूप में दिखाया जाए, तो यह करोड़ों आस्थावानों के लिए असहनीय है।

कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट आशुतोष कुमार झा का कहना है कि भारत का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है। अनुच्छेद 19(2) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर किसी की अभिव्यक्ति सार्वजनिक शांति, नैतिकता या धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाती है तो उस पर रोक लगाई जा सकती है।

पुलिस और प्रशासन की सख्ती जरूरी

इसके अलावा अधिवक्‍ता धनन्‍जय सिंह कहते हैं कि बीते साल की घटनाओं से साफ है कि ऐसे मामलों में केवल एफआईआर दर्ज कर लेना काफी नहीं है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई और त्वरित सजा जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी कला, एक्टिविज्‍म या राजनीति की आड़ में धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ न कर सके।

वहीं, विश्‍व हिन्‍दू परिषद के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता विनोद बंसल ने कहा, वर्ष 2025 हो या इससे पहले के साल, आप देखेंगे कि लगातार विधर्म‍ियों द्वारा हिंदू धर्म को टार्गेट करने का काम हुआ है। कभी मंदिरों पर हमले हुए, कभी मूर्तियों को तोड़ा गया, कभी आर्ट गैलरी में देवी-देवताओं का अश्लील चित्रण सामने आया और कभी धार्मिक त्योहारों पर हमले हुए।

सवाल यह है कि बार-बार क्यों केवल हिंदू आस्था ही निशाने पर आती है?

उन्‍होंने कहा, वास्‍तव में जब तक ऐसे मामलों में सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तब तक इस तरह की घटनाएं सामने आती रहेंगी। भारत की विविधता और पंथनिरपेक्षता तभी सुरक्षित रह सकती है जब सभी पंथ, रिलीजन, धर्मों को बराबर सम्मान मिले और किसी की भी आस्था के साथ खिलवाड़ न हो।

हिन्‍दू इस देश का बहुसंख्‍यक समाज है, इसके आस्‍था केंद्रों पर प्रहार ये बताता है कि जो ये कृत्‍य कर रहते हैं, उन्‍हें कानून का कोई भय नहीं, इसके लिए केंद्र सरकार और राज्‍य सरकारों से आग्रह है कि गुनहगारों को सख्‍त सजा मिले, इस प्रकार से कार्रवाई करें।

Topics: धार्मिक भावनाएं आहतI Love Muhammad poster violenceसोशल मीडिया विवादUP Barelly protestहिंदू धर्म विवाद 2025Gujarat Bahiyal incidentमुंबई आर्ट गैलरी मामलाtemple vandalism Tamil Naduआई लव मोहम्मद पोस्टरKerala professor caseयूपी हिंसा 2025Ram Navami attack Rajasthanहिंदू देवी-देवता अश्लील चित्रDurga Puja controversy Bengalमंदिर हमले 2025Hindu religion attacks 2025Mumbai art gallery controversyBNS FIR Hindu deities
डाॅ. मयंक चतुर्वेदी
डाॅ. मयंक चतुर्वेदी
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और हिंदुस्थान समाचार से संबद्ध हैं। [Read more]
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