कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को एक बयान को लेकर चल रहे मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राहुल गांधी ने वाराणसी के स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।
क्या है मामला- यह मामला राहुल गांधी द्वारा अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ बयान से जुड़ा है। आरोप है कि राहुल गांधी ने कहा था कि “भारत में सिखों को पगड़ी और कड़ा पहनने का अधिकार नहीं है, और उन्हें गुरुद्वारे में जाने की भी इजाजत नहीं है।” इस बयान को लेकर कहा गया कि इससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। इस बयान के खिलाफ नागेश्वर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के थाना सारनाथ में मामला दर्ज करवाया था। इस शिकायत को पहले एमपी/एमएलए कोर्ट ने खारिज कर दिया था। लेकिन बाद में शिकायतकर्ता ने वाराणसी के सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की, जिसे 21 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया गया।
राहुल गांधी की याचिका- राहुल गांधी ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया था कि जब तक उनके खिलाफ चल रही आपराधिक पुनरीक्षण याचिका संख्या-61/2025 लंबित है, तब तक वाराणसी कोर्ट के 21 जुलाई वाले आदेश पर रोक लगाई जाए। राहुल गांधी की ओर से यह तर्क दिया गया कि उनके खिलाफ दर्ज धारा-147, 148 , 152 इस मामले में लागू नहीं होतीं, और उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया है। कोर्ट का फैसला- इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने इस याचिका पर सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद 3 सितंबर 2025 को फैसला सुरक्षित कर लिया था। और अब कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया है।
















