I love Mohammad Conflict: काशीपुर में पुलिस ने उपद्रवियों पर कसी नकेल, 500 के खिलाफ केस दर्ज

उत्तराखंड के काशीपुर में बिना अनुमति 'I Love Mohammad' जुलूस से उपद्रव, पुलिस पर पथराव और हमला। सीएम धामी के निर्देश पर 500 उपद्रवियों पर मुकदमा, बिजली कनेक्शन काटे, अतिक्रमण हटाए। देवभूमि की पवित्रता की रक्षा में सख्त कार्रवाई!

Published by
उत्तराखंड ब्यूरो

काशीपुर: बिना प्रशासन की अनुमति से आई लव मोहम्मद जुलूस (I Love Mohammad procession) निकाल कर बवाल मचाने वालों को घरों से निकाल निकाल कर पुलिस ने खातिरदारी की है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने घटना की खबर मिलते ही पुलिस कप्तान को फ्री हैंड देते हुए स्पष्ट कहा कि अराजकता सहन नहीं की जाएगी।

एसएसपी मणि कांत मिश्रा और एडीएम पंकज उपाध्याय के साथ घटना क्षेत्र में दल बल के साथ उतरे और उपद्रव करने पर तीन नामजद समेत 500 उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया। प्रशासनिक टीम ने दर्जनों आरोपियों के घरों के बिजली कनेक्शन काटे और पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण को ध्वस्त करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराएं लगाने के लिए ” ऊपर” से निर्देश है।

उत्तराखंड की अस्मिता और देवभूमि की पवित्रता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह केवल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान नहीं बल्कि उनकी सरकार की ठोस नीति है। काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में जुलूस के नाम पर हुई अराजकता और उपद्रव के बाद धामी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उपद्रवियों के लिए उत्तराखंड की पवित्र धरती पर कोई जगह नहीं है।

मोहल्ला अलीखां में बिना इजाजत निकाले जुलूस को रोका

रविवार देर रात मोहल्ला अलीखां में बिना अनुमति निकाले गए जुलूस को रोकने पहुँची पुलिस टीम पर न केवल पथराव किया गया बल्कि पुलिस वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। इस दुस्साहस के बाद प्रशासन ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए तीन नामजद समेत 500 से अधिक उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया, पाँच को गिरफ्तार कर जेल भेजा और दस अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस आरोपियों को उनके घरों से निकाल कर सरे आम “खातिरदारी” की। धामी सरकार ने केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित न रहते हुए उपद्रवियों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ा। नगर आयुक्त के अगुवाई में  मोहल्ले में किए गए अवैध अतिक्रमण पर बुलडोज़र चला और बिजली विभाग के अभियंताओं ने बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए। यही नहीं, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और लोगों में सुरक्षा का संदेश पहुँचाने के लिए एसएसपी, एसपी, एडीएम, एसडीएम और भारी पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। क्षेत्र की स्थिति पर पैनी निगाह रखने के लिए ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है।

पुलिस ने चलाया सत्यापन अभियान

जानकारी के मुताबिक, पुलिस प्रशासन ने बीती रात्रि एरिया को सील करके सत्यापन अभियान चलाया और आरोपियों की पहचान की साथ ही उनके भूमि संबंधी दस्तावेज भी खंगाले जा रहे है। प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने अवैध कब्जों को हटाने के लिए भी कमर कस ली है। एसएसपी मणि कांत मिश्र ने स्पष्ट कहा है जिन्होंने माहौल खराब किया है उनसे सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। साथ ही सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी ताकि उन्हें सबक मिले कि पुलिस प्रशासन पर हमला करने का नतीजा कितना दुखदाई होता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई बार खुले मंच से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तराखंड की शांति, संस्कृति और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। काशीपुर की ताज़ा कार्रवाई इसी नीति की जीती-जागती मिसाल है। सरकार का संदेश साफ है राज्य में दंगा, उपद्रव और अराजकता फैलाने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी और कानून का राज हर हाल में कायम रखा जाएगा।

उत्तराखंड की जनता को अब यह विश्वास है कि धामी सरकार धर्मरक्षक की तरह प्रदेश की अस्मिता और देवभूमि की पवित्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। काशीपुर की कार्रवाई इस बात का प्रतीक है कि जो भी तत्व राज्य के सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे कानून का डंडा झेलना ही पड़ेगा। धामी सरकार ने देवभूमि की गरिमा बचाने का संकल्प लिया है और इस दिशा में हर कदम सख़्ती और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर की घटना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा है कि जो व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, पुलिस प्रशासन पर हमला करने की जुर्रत करेगा ,उसे उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी उपद्रवियों से की जाएगी।

Share