उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम के जन्मस्थान अयोध्या को दीपोत्सव के मौके पर 1700 करोड़ रुपये की सैकड़ों योजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद रामकथा पार्क से ये कार्यक्रम शुरू करेंगे। लगभग 50 योजनाओं को वे हरी झंडी देकर आम लोगों के लिए खोल देंगे, और उतनी ही योजनाओं की नींव रखेंगे। ये सब कुछ अयोध्या की तरक्की को नई उड़ान देने के लिए है, जहां राम जन्मभूमि मंदिर के बाद विकास की रफ्तार और तेज हो गई है।
49 करोड़ से बना आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज
सबसे पहले बात करते हैं हुनहुना गांव की, जो मवई ब्लॉक में आता है। यहां 2021-22 से एक राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज बन रहा था, जो अब तैयार हो चुका है। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज ने इसका काम संभाला था, और कुल खर्च पड़ा करीब 49 करोड़ रुपये। भवन तो बन गया, लेकिन अभी शुरुआत छोटी होगी – पहले दो साल सिर्फ चिकित्सा सेवा चलेगी, जैसे ओपीडी वाली। फिर, अगर एसीआईएसएम के सारे मानक पूरे हो गए, तो अगले दो साल बाद 60 बच्चों को दाखिला मिलेगा। ये कालेज अयोध्या के इलाके में आयुर्वेद की पुरानी परंपरा को नई जान देगा, जहां लोग प्राचीन इलाज पर भरोसा करते हैं। नोडल अफसर डॉ. महेंद्र सिंह विष्णु ने बताया कि सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा है।
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तीन नए ओवरब्रिज का लोकार्पण
इसके अलावा अयोध्या में तीन रेलवे ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गए हैं, जिनका लोकार्पण भी होगा। पहला ब्रिज बहराइच-फैजाबाद-अकबरपुर मार्ग पर है, एनएच 30 के चैनेज 118.25 से 199.200 तक। ये चार लेन वाला है, लंबाई 662 मीटर, और लागत 104 करोड़। दर्शननगर के पास वाराणसी-लखनऊ रेल सेक्शन को पार करता है ये।
दूसरा ब्रिज चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर सूर्यकुंड के पास, रेलवे क्रॉसिंग नंबर 105 पर। दो लेन का ये 675 मीटर लंबा है, खर्च 115 करोड़।
तीसरा फैजाबाद-अकबरपुर मार्ग पर फतेहगंज के सम्पार नंबर 118 ए पर बना, दो लेन, 793 मीटर लंबा, 80 करोड़ की लागत। ये सब उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के रोहित अग्रवाल की देखरेख में बने।
जिला प्रशासन की तैयारियां जोरों पर
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने साफ कहा कि शासन को योजनाओं की डिटेल्ड लिस्ट भेज दी गई है। मंजूरी आते ही लोकार्पण और शिलान्यास की सारी तैयारी पूरी हो जाएगी। मुख्य फोकस मेडिकल कालेज और इन ब्रिजों पर है, लेकिन कुल 100 के करीब प्रोजेक्ट्स कवर होंगे। अयोध्या का ये विकास न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करेगा।
















