वर्ष 2016 में भारत में एक फिल्म आई थी- “लिपस्टिक अंडर माय बुर्का”। यह एक डार्क कॉमेडी फिल्म थी। यह फिल्म चार महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है जो इच्छाओं की पूर्ति और समाज में स्वतंत्रता की खोज कर रही होती हैं। यह फिल्म थी और इसकी कहानी पूरी फिल्मी। लेकिन एक इस्लामिक मुल्क में ऐसा सच में हो रहा है। अफगानिस्तान में इनदिनों “बोटोक्स अन्डर बुर्का” का शोर है।
आखिर यह क्या है? बोटोक्स का सबसे आम उपयोग सौंदर्य चिकित्सा में होता है। मगर क्या यह सर्जरी लड़कियां करा रही हैं? क्या ऐसी क्लीनिक तालिबान के शासन में भी चल रही हैं? क्योंकि वह महिलाओं और पुरुषों के मेकअप को लेकर बहुत ही कठोर है और लगभग सभी ब्यूटी पार्लर भी बंद करवा दिए हैं।
काबुल में चल रहे 20 क्लीनिक
तालिबान के कड़े शासन और अफगानिस्तान में फैली गरीबी के बाद भी काबुल में इस तरह के करीब 20 क्लीनिक चल रही हैं। मीडिया के अनुसार यहां तुर्की से डॉक्टर आते हैं और अफगानी लोगों को प्रशिक्षण देते हैं। उपकरण एशिया या यूरोप से मंगाए जाते हैं। क्लीनिक आलीशान हैं और यहां लड़कियों के साथ पुरुष भी आते हैं। दोनों के इलाज की व्यवस्था अलग-अलग है। यहां आने वाली अधिकतर लड़कियां हैं, पूरी तरह से मेकअप से भरी हुई और सिर से लेकर अंगूठे तक बुर्के से लदी हुई। चूंकि तालिबान ने पुरुषों के लिए दाढ़ी और बाल अनिवार्य कर दिए हैं, ऐसे में जिनके बाल और दाढ़ी नहीं हैं, वे यहां आते हैं।
अफगानिस्तान में तनाव में महिलाएं
लड़कियां चेहरे को सुंदर बनाने के लिए आती हैं। 25 साल की सिलसिला हामिदी ने दूसरा फेसलिफ्ट कराया। उनका कहना है कि अफगानिस्तान में महिलाएं बहुत तनाव का सामना कर रही हैं। यह ठीक है कि दूसरे हमें नहीं देख सकते, मगर हम तो खुद को देखते हैं। आइने के सामने खुद को सुंदर देखने से हमें ताकत मिलती है।
लड़के और लड़कियों का परस्पर संपर्क नहीं
अफगानिस्तान में लड़कियों को लेकर तमाम पाबंदियां हैं। हाल ही में महिलाओं की लिखी पुस्तकें भी प्रतिबंधित कर दी गई हैं। सैलून भी बंद हैं, मगर बोटोक्स पर कोई रोक नहीं है। हामिदी का कहना है कि अगर सैलून खुले होते तो उनकी स्किन की यह हालत नहीं होती। बोटोक्स को वहां मेडिसिन के रूप में माना जाता है, इसलिए यह सेक्टर अभी काम कर रहा है। सरकार का भी दखल इसमे कम है। बस यही कहा जाता है कि इस बात का ध्यान रखें कि लड़कियों और लड़कों का परस्पर संपर्क न हो।
विदेशों में रह रहे अफगानी सर्जरी कराने आ रहे अफगानिस्तान
लड़कों के लिए लड़के और लड़कियों की सर्जरी महिलाएं करें। यहां तक कि विदेशों में रह रहे अफगानी भी सस्ती होने की वजह से यहां आकर सर्जरी करवा रहे हैं। हालांकि वह स्थानीय अफगानी नागरिकों के लिए महंगी हो सकती है। यहां अत्याधुनिक चीनी उपकरण इन सर्जरी के लिए हैं। लंदन में रेस्टोरेंट चलाने वाले मोहम्मद शोएब का कहना था कि जब उन्होंने इस क्लीनिक में कदम रखा तो उन्हें लगा कि जैसे वे यूरोप में हैं। नए ग्राहकों के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। इनमें त्वचा को सुंदर बनाने से लेकर होंठों की सर्जरी आदि समेत कई कार्य हैं।
बुर्कानशीं महिलाएं सौन्दर्य सर्जरी के लिए आ रही
यह भी हैरानी की बात है कि जहां एक तरफ संयुक्त राष्ट्र के अनुसार लाखों अफगानी भूख से तड़प रहे हैं, और उन तक मूलभूत चिकित्सा सेवाएं नहीं हैं, वहीं कॉस्मेटिक्स क्लीनिक न केवल खुल रहे हैं, बल्कि बाहर से डॉक्टर्स आकर सर्जरी भी कर रहे हैं और बुर्कानशीं महिलाएं सौन्दर्य सर्जरी के लिए आ भी रही हैं। “बोटोक्स अन्डर बुर्का” चल रहा है।
















