मिडिल ईस्ट की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता दे दी है। इसके बाद तो अब सऊदी अरब के सुर बदल गए हैं। उसने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल अगर वेस्ट बैंक के किसी भी हिस्से को अन्नेक्स करता है, तो इससे हर क्षेत्र में “गंभीर परिणाम” होंगे। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी ने ठीक-ठीक कदम तो नहीं बताए, लेकिन संकेत साफ हैं – सऊदी-इजरायल नॉर्मलाइजेशन की सारी उम्मीदें खत्म हो सकती हैं।
ट्रंप के करीबियों की नापसंदगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आसपास के लोग भी इजरायल को अन्नेक्सेशन से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। चैनल 12 के अनुसार, “ये उनकी आखिरी जरूरत है” – खासकर 9 सितंबर को कतर में हमास लीडर्स पर इजरायल के स्ट्राइक के बाद। ये स्ट्राइक पहले से ही मिडिल ईस्ट में आग लगाने जैसा था, और अब अन्नेक्सेशन से हालात और बिगड़ सकते हैं। ट्रंप के लोग सोच रहे होंगे कि पहले शांति की कोशिशें करें, न कि नई मुसीबतें।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के साइडलाइंस पर अहम चर्चाएं
इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान सऊदी अधिकारी ट्रंप से मिलेंगे। चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा में जंग को कैसे खत्म किया जाए, और उसके बाद गाजा में क्या होगा – ये सब मुद्दे उठेंगे। इसमें UAE, कतर, जॉर्डन, मिस्र और तुर्की के लीडर्स भी शामिल होंगे। अलग से ट्रंप का गल्फ लीडर्स – सऊदी, UAE, कतर, ओमान, बहरीन और कुवैत – के साथ सेशन होगा। वो कतर स्ट्राइक पर ट्रंप का रुख जानना चाहते हैं। ये मीटिंग्स जैसे मिडिल ईस्ट के भविष्य की दिशा तय करने वाली होंगी, जहां हर लीडर अपनी चिंताएं खोलकर रखेगा।
नेतन्याहू की मीटिंग
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज एक मीटिंग बुलाई, जहां पश्चिमी देशों द्वारा इस हफ्ते फिलिस्तीन को स्टेट मान्यता देने पर इजरायल के जवाब पर चर्चा हुई। संभावित कदमों में वेस्ट बैंक के एरिया A को B में बदलना – यानी फिलिस्तीन के सिक्योरिटी कंट्रोल से इजरायल के सिक्योरिटी कंट्रोल पर शिफ्ट, लेकिन सिविल कंट्रोल फिलिस्तीन का रहे। इसी तरह एरिया B के कुछ हिस्सों को C में बदलना, जहां इजरायल को सिविल और सिक्योरिटी दोनों का कंट्रोल मिल जाए। इसके अलावा, कुछ देशों के कंसुलेट्स बंद करने की बात चली, खासकर फ्रांस का। लेकिन फार-राइट मिनिस्टर बेजलेल स्मोट्रिच और इतमार बेन ग्विर को मीटिंग में नहीं बुलाया गया – शायद विवाद से बचने के लिए। मीटिंग में नेतन्याहू और स्ट्रैटेजिक अफेयर्स मिनिस्टर रॉन डर्मर ने जोर दिया कि US के साथ फुल कोऑर्डिनेशन जरूरी है। नेतन्याहू ने वीडियो स्टेटमेंट में कहा कि कोई फैसला अगले हफ्ते ट्रंप से मीटिंग लौटने तक नहीं होगा।
इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हम किसी भी सूरत में फिलिस्तीन को एक देश नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि वो अभी अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं और वहां से लौटने के बाद इस पर जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि ये हम पर एक आतंकी देश थोपने की कोशिश है।
इसे भी पढ़ें: बगराम एय़रबेस के लिए अफगानिस्तान को बुरे अंजाम की धमकी दे रहे ट्रंप, जानें क्या है उसका इतिहास
रूबियो से बात: कोलिशन प्रेशर और गाजा फोकस
पिछले हफ्ते विजिटिंग US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मारियो रूबियो को नेतन्याहू ने बताया कि कोलिशन प्रेशर से एरिया C – जो वेस्ट बैंक का 60% है – अन्नेक्स करने का दबाव है। रूबियो ने जवाब दिया कि अभी फोकस गाजा में जंग खत्म करने और होस्टेजेस वापस लाने पर होना चाहिए, बाकी कुछ नहीं। ये बातें जैसे इजरायल को आईना दिखाने वाली हैं।
यूरोपीय चेतावनी
सीनियर यूरोपीय अधिकारी इजरायल को बता रहे हैं कि और देश फिलिस्तीन को मान्यता देने की तैयारी में हैं। चैनल 12 के मुताबिक, अन्नेक्सेशन को वो “पालेस्टाइनीज पर कोलेक्टिव पनिशमेंट” मानेंगे, और इससे अब्राहम एकोर्ड्स खतरे में पड़ेंगे। यूरोपीय अधिकारियों ने कहा, “अगर हमारी मान्यता पर इजरायल कड़े डिप्लोमैटिक कदम उठाएगा, तो ये गलती होगी। हमें और जवाब में घसीटना ठीक नहीं। हम अन्नेक्सेशन को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “अगर नेतन्याहू और उनकी सरकार मिडिल ईस्ट में जो स्थिरता हमने बनाई है, उसे बर्बाद करना चाहते हैं, तो वो इसके नतीजे भुगतेंगे।”

















