विपक्ष अक्सर एक सवाल उठाता है कि आखिर सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को इतना जल्दी क्यों रोका? इस सवाल के जबाव अब वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने दिया है। हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि हर जंग की एक कीमत होती है, और हमने अपना मकसद पूरा कर लिया था। ये सबक दुनिया को सिखाने लायक है – जंग कैसे शुरू करें और जल्दी कैसे खत्म।
उन्होंने 4 दिन में जंग को खत्म करने को लेकर कहा कि इस अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने को तबाह करने के लिए शुरू किया था। हमने आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए और लक्ष्य को हासिल कर लिया। ऐसे में जब हमारे उद्देश्य पूरे हो गए, तो युद्ध को समाप्त करने में देरी क्यों करनी चाहिए?
पहलगाम आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने बेरहमी से 26 बेकसूर पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने के लिए 7 मई से शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर। हमारी वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में नौ बड़े आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा। बहावलपुर में जैश का हेडक्वार्टर, मुरिदके में लश्कर का अड्डा – सबको ध्वस्त कर दिया।
इसके वीडियो भी जारी किए गए, जिनमें साफ दिखा कि आतंकियों के ऑपरेशन सेंटर कितने बर्बाद हो गए। एपी सिंह कहते हैं, “हमारा मकसद आतंकवाद के खिलाफ एक्शन था। हमने सटीक हमले किए और लक्ष्य हासिल कर लिया।”
सेना को मिली थी पूरी छूट
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना को पूरी छूट दी गई थी। 7 से 10 मई तक चली ये जंग में हमारी एयर पावर ने कमाल दिखाया। S-400 मिसाइल सिस्टम ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए। पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ – उनकी कई मिलिट्री फैसिलिटी, रडार, कंट्रोल सेंटर्स, हैंगर और प्लेन सब तबाह। एपी सिंह ने कहा, “उनकी कई सैन्य सुविधाएं, रडार, नियंत्रण एवं समन्वय केंद्र, हैंगर, विमान, सभी को भारी नुकसान हुआ।” हमने साबित कर दिया कि भारत की ताकत क्या है। लेकिन सवाल ये कि इतने कम दिनों में क्यों रुके? साहब ने साफ कहा, लंबा चलाना सही नहीं होता।
पाकिस्तान पीछे हटा, लेकिन जंग क्यों न बढ़ाई?
वायुसेना चीफ कहते हैं कि कई लोग कहते हैं, “थोड़ा और मारना चाहिए था, इतनी जल्दी क्यों रुक गए?”, हां पाकिस्तान पीछे हट गया, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन हमारा टारगेट क्या था? आतंकवाद को कुचलना, न कि पूरी जंग छेड़ना। उन्होंने कहा, “हमने लोगों को ये कहते सुना कि हमें थोड़ा और प्रयास करना चाहिए था। हमने युद्ध बहुत जल्दी रोक दिया।
उन्होंने आगे कहा कि हमें उन पर हमला करना ही था। हमने ऐसा किया भी। इसलिए अगर हमारे उद्देश्य पूरे हो गए, तो फिर हमें संघर्ष क्यों नहीं समाप्त करना चाहिए? हर कॉन्फ्लिक्ट की कीमत बड़ी होती है। ये हमारी फ्यूचर रेडीनेस को कमजोर करती है, इकोनॉमी को हिट करती है, देश की प्रोग्रेस रुक जाती है। इससे हमारी अर्थव्यवस्था प्रभावित होती। इसका असर देश की सामान्य प्रगति पर भी पड़ता।
वायुसेना चीफ ने कहा कि दुनिया को भारत से सीखना चाहिए कि किसी संघर्ष को कैसे शुरू किया जाए और उसे यथाशीघ्र कैसे समाप्त किया जाए।

















