अपने काम से जीतेंगे दिल्ली वालों का दिल: CM रेखा गुप्ता का Exclusive इंटरव्यू
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आधार Infra Confluence 2025 : ‘अपने काम से जीतेंगे दिल्ली वालों का दिल’

‘दिल्ली-एनसीआर, संभावनाएं अपार‘ सत्र में पाञ्चजन्य की सलाहकार संपादक तृप्ति श्रीवास्तव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से विस्तृत वार्ता की। प्रस्तुत हैं वार्ता के प्रमुख अंश

Written byPanchjanyaPanchjanya
Sep 20, 2025, 04:31 pm IST
in विश्लेषण, साक्षात्कार, दिल्ली, पाञ्चजन्य इवेंट
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

‘दिल्ली-एनसीआर, संभावनाएं अपार‘ सत्र में पाञ्चजन्य की सलाहकार संपादक तृप्ति श्रीवास्तव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से विस्तृत वार्ता की। प्रस्तुत हैं वार्ता के प्रमुख अंश-

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सेे बातचीत करती हुईं तृप्ति श्रीवास्तव

इस बार दिल्ली वालों को मिंटो रोड जैसे स्थानों पर भी जल भराव के दृश्य नहीं दिखे। वर्षा पहले से कहीं अधिक हुई, पर पुल के नीचे कोई बस डूबी नहीं दिखी, अखबारों में ऐसे चित्र छपे नहीं दिखे। पिछली सरकार ने वायदे तो बहुत किए थे, पर समस्याएं जस की तस रही थीं। आपके आने के बाद बदलाव दिखा है। यह कैसे संभव हुआ?
दिल्ली को जलभराव की समस्या से छुटकारा मिला है। दिल्ली में वर्षों से बारिशों में पानी भरता आ रहा था, इस बार नहीं भरा। 15 साल वाली सरकार भी आई और चली गई, 11 साल वाली सरकार भी आई और चली गई, कभी किसी ने दिल्ली के जलभराव की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। लेकिन इस बार जलभराव के स्थान लोगों को खोजने पड़े। दिल्ली में इन छह महीनों में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। हमने आते ही सबसे पहले, 2023 जैसा बाढ़ का दृश्य दिल्ली को न देखना पड़े, इसकी तैयारी की। शहर में जितने भी नदी- नाले हैं, उनकी गाद अच्छे से साफ की गई। लगभग 25 हजार मीट्रिक टन गाद निकाली गई। शाहदरा, नजफगढ़, बारापुला, आईटीओ के जल निकास मार्ग हैं। वहां से लगातार गाद निकालने का काम किया गया। समय समय पर इस काम की जांच की गई। इस बार 15 साल में सबसे ज्यादा बारिश हुई, लेकिन बारिश को यमुना के बहाव क्षेत्र तक ही सीमित रखा गया और दिल्ली को बचाया गया। यमुना बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित आवास मिले, इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। हथिनी बैराज से लेकर आईटीओ के बैराज गेट और अन्य गेट को खोलने की तैयारी की गई। यमुना नदी के पानी को बाहर भेजने का रास्ता खुला रखा। यमुना के क्षेत्र में सिर्फ यमुना बहे, यही हमारा प्रयास रहेगा।

सर्दी के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण और कोहरे का साम्राज्य छा जाता है। स्कूलों में ‘स्माॅग वैकेशंस’ होने लगी हैं। प्रदूषण और पर्यावरण की इस समस्या का समाधान कैसे करेंगी?
जहां तक दिल्ली में वायु प्रदूषण, यमुना की सफाई या कूड़े के पहाड़ की बात है, हर एक समस्या को ज्यों का त्यों बनाए रखने का ही प्रयास पिछली सरकारों ने किया। किसी भी समस्या के समाधान के बारे में सोचा ही नहीं गया। न कोई योजना इस बारे में बनाई गई। इस बार हमारी सरकार ने वायु प्रदूषण का बेहतर समाधान करने के लिए धूल कणों को कम करने की योजना बनाई है। पिछले तीन-चार महीने से हम इस काम में लगे हुए हैं। हम दिल्ली में एक हजार वाॅटर स्प्रिंकलर्स लगा रहे हैं। जल के छिड़काव से पूरे शहर में धूल कणों को कम किया जाएगा। साथ ही, हर बहुमंजिला इमारत में स्मोक टाॅवर लगाना आवश्यक कर दिया गया है। सभी सरकारी इमारतों पर स्मोक टाॅवर लगाए गए हैं।

पिछली सरकारों के पास दिल्ली को लेकर स्पष्ट दृष्टि नहीं थी। सरकार की योजना है कि वर्ष 2026 तक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह विद्युत प्रणाली पर आधारित हो जाए। सारे बस डिपो में ईवी चार्जिंंग स्टेशन बना दिए जाएं। हम इसके लिए जनता को भी प्रेरित कर रहे हैं कि लोग पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की अपेक्षा विद्युत चालित वाहनों का प्रयोग ज्यादा करें। दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए 70 लाख पेड़ दिल्ली में लगाए गए हैं। दिल्ली में दस नमो वन बनाएं जाएंगे ताकि दिल्ली में और हरियाली हो। दिल्लीवासियों के लिए हवा को स्वच्छ बनाने के काम में दिल्ली सरकार जुटी हुई है।

मोहल्ला क्लिनिक की जगह अब आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। ये आरोग्य मंदिर मोहल्ला क्लिनिक से अलग कैसे हैं?
मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर एक पोर्टा केबिन बना दिया गया था। इसकी दीवारों पर केजरीवाल की बड़ी बड़ी फोटो लगा दी गई थी। दवाई और मेडिकल सुविधाओं के नाम पर कुछ था नहीं। डॉक्टर को दिहाड़ी मजदूर बना दिया गया था। न दवाई और न ही इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध होती थी। ये मोहल्ला क्लिनिक प्रचार के माध्यम बन गये थे। आज जो आरोग्य मंदिर बन रहे हैं, उसमें जनता को सारी सुविधाएं दी जा रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। दिल्ली में बनाए जा रहे 1100 आरोग्य मंदिरों में किसी नेता की फोटो नहीं है।

दिल्ली में एक ओर बहुमंजिला इमारतें हैं, तो दूसरी ओर झुग्गी बस्तियाें की भी भरमार है। इनकी समस्याओं के निवारण की क्या योजनाएं हैं?
मुझे लगता है कि दिल्ली की जो ढाई करोड़ की आबादी है, उसके लिए बेहतर सुविधाएं हों, उनके रहने की,जीवन जीने की, रोजगार यानी हर विषय जो उनसे जुड़ा हुआ है वह बेहतर हो। दिल्ली में सात सौ झुग्गी झोपड़ी बस्तियां हैं। वोट बैंक की राजनीति के कारण उन्हें बसाया तो गया, लेकिन, किसी ने यह चिंता नहीं की कि वहां सीवर की व्यवस्था क्या होगी। उनके पीने की पानी की व्यवस्था कैसे होगी। उन्हें बदहाल छोड़ दिया गया। उसी प्रकार दिल्ली में 1800 अनधिकृत काॅलोनियां हैं, जहां आज भी लोग दयनीय स्थिति में रहते हैं। जहां पानी की पाइप लाइन नहीं है। लोग पानी के लिए टैंकर पर निर्भर हैं। उन्हें बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना हमारी जिम्मेदारी है। दिल्ली क्षेत्र के हिसाब से सबसे छोटा शहर है। लेकिन जनसंख्या के हिसाब से यह कई बड़े राज्यों से भी बड़ा है। सीवर लाइन, पानी की पाइप लाइन, अच्छी सड़कें, स्वास्थ्य और शिक्षा होना देश की राजधानी के लोगों का अधिकार है। हम कहते हैं कि दिल्ली जीती है, अब दिल्ली वालों का दिल भी जीतेंगे।

विकसित भारत ‘विजन-2047’ के लिए दिल्ली के विकास की क्या योजना है?
दिल्ली की ताकत इसका ऐतिहासिक गौरव और सांस्कृतिक विविधता है। यहां अलग-अलग राज्यों से आकर लोग रह रहे हैं। यह लघु भारत है। दिल्ली बहु-सांस्कृतिक नगरी है। दिल्ली को मेहनत से संवारना होगा, सजाना होगा। यह दिल्ली की कमजोरी है कि दिल्ली में उद्योग-धंधे ज्यादा नहीं हैं। दिल्ली में कई एजेंसियां काम में व्यवधान पैदा करतीं हैं। हमारी दृष्टि है कि दिल्ली को शिक्षा, पर्यटन, आईटी हब, हेल्थ केयर हब बनाया जाए। जो प्रदूषण से राहत दे और दिल्ली को रोजगार भी दे। दिल्ली का पूरे देश में ही नहीं, विश्व में वह स्थान होगा, जिसकी दिल्ली अधिकारी है। दिल्ली की ताकत यहां के ढाई करोड़ लोग हैं। जब लोग यह ठान लेंगे कि यह दिल्ली मेरी अपनी दिल्ली है, इसकी स्वच्छता के लिए लोग स्वयं प्रयास करेंगें, तय करेंगें कि अपने शहर को गंदा नहीं करना है तब दिल्ली और निखर कर आएगी। जिस दिन यह सोच लिया जाएगा, उस दिन से दिल्ली सुंदर, स्वच्छ, हरी भरी और हम सबकेे रहने लायक हो जाएगी।

Topics: पाञ्चजन्य विशेषमुख्यमंत्री रेखा गुप्ताआरोग्य मंदिरआधार Infra Confluence 2025प्रदूषण और पर्यावरणतृप्ति श्रीवास्तवपरिवहन व्यवस्थाविकसित भारत ‘विजन-2047’पंडित दीनदयाल उपाध्याय
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