बलाेचिस्तान गणराज्य ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बलोच आंदोलन को धार्मिक अतिवाद से जोड़ने के चीन और पाकिस्तान के प्रयास को विफल करने के लिए फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन को धन्यवाद दिया है। फ्री बलोच मूवमेंट के प्रमुख मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस सफलता की जानकारी दी।
धर्मनिरपेक्ष बलोच आंदोलन को मान्यता
मीर यार बलोच ने बताया कि छह करोड़ धर्मनिरपेक्ष, देशभक्त बलोच लोग इस प्रयास की सराहना करते हैं। संयुक्त राष्ट्र के तीन प्रभावशाली सदस्यों द्वारा बलोच आंदोलन की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति को मान्यता देना बलाेचिस्तान में लाखों लोगों के बलिदान की स्वीकृति और क्षेत्र के स्वतंत्रता समर्थक नेतृत्व के लिए कूटनीतिक जीत है।
चीन और पाकिस्तान पर आरोप
मीर यार बलोच ने आरोप लगाया कि चीन और पाकिस्तान ने जानबूझकर बलोचिस्तान के वास्तविक स्वतंत्रता आंदोलन को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बलूच स्वतंत्रता सेनानियों को अल-कायदा और आईएसआईएस से जोड़ने का प्रयास किया, जिसे पूरी दुनिया को निंदा करनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षाएं
मीर यार बलोच ने कहा कि उम्मीद है कि अन्य अंतरराष्ट्रीय सदस्य भी ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस के नक्शेकदम पर चलते हुए बलोच स्वतंत्रता आंदोलन को आधिकारिक मान्यता देंगे और बलोच राजनयिक मिशन खोलने की अनुमति देंगे। उन्होंने बलोचिस्तान को क्षेत्र में शांति, विकास, रक्षा और सर्वधर्म सद्भाव का सेतु बताया।
बलाेचिस्तान की स्वतंत्रता का महत्व
मीर यार बलोच ने जोर देकर कहा कि बलाेचिस्तान की स्वतंत्रता पाकिस्तान के धार्मिक उग्रवाद और चीन के आर्थिक आधिपत्य को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही यह क्षेत्रीय युद्धों को समाप्त करने और पाकिस्तान के ब्लैकमेल तथा चीन के हिंसक आर्थिक व्यवहार पर अंकुश लगाने में सहायक साबित हो सकती है।

















