नई दिल्ली (हि.स.) । आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक महिला यात्री को फर्जी वीजा के साथ पकड़ा गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने पंजाब के कपूरथला से एक एजेंट को भी गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान सरवान सिंह उर्फ कोहली (52) और अमरजीत कौर (22) के रूप में हुई है, जो दोनों कपूरथला, पंजाब के निवासी हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
महिला यात्री का फर्जी यूके वीजा पकड़ा गया
आईजीआई के पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि कपूरथला निवासी अमरजीत कौर लंदन जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची थी। जांच के दौरान उसके पासपोर्ट पर लगा यूके वीजा फर्जी पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका भाई लंदन में रहता है और बेहतर रोजगार की चाह में वह भी वहां जाना चाहती थी। आईईएलटीएस परीक्षा में असफल होने के बाद वह फर्जी वीजा एजेंटों के संपर्क में आई थी।
22 लाख रुपये का सौदा और 5 लाख एडवांस
महिला ने पूछताछ में बताया कि लगभग 4-5 महीने पहले उसकी मुलाकात सरवान सिंह उर्फ कोहली से हुई थी। सरवान ने जालंधर स्थित एक ऑफिस में 22 लाख रुपये में यूके वीजा और यात्रा की व्यवस्था कराने का वादा किया था। पांच लाख रुपये एडवांस के रूप में लिए गए थे। लगभग एक हफ्ता पहले फर्जी वीजा उसके पासपोर्ट पर लगवाया गया।
कपूरथला से एजेंट की गिरफ्तारी
शुरुआती इनपुट के आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार त्यागी की देखरेख में पुलिस टीम ने छापेमारी कर सरवान सिंह को कपूरथला से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को विदेश भेजने का धंधा स्वीकार किया। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
सितंबर में 23 लोग पकड़े गए
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सिर्फ सितंबर माह में ही 23 लोगों को फर्जी वीजा, पासपोर्ट एक्ट, धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 25 से अधिक लोगों के खिलाफ दलाली और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में कार्रवाई की गई है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि विदेश यात्रा के लिए हमेशा वैध माध्यमों का ही सहारा लें।
















