हाल ही में भारत द्वारा किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” ने पाकिस्तान को गहरा झटका दिया है। इस ऑपरेशन में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए कई आतंकियों को मार गिराया। अब इस कार्रवाई से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने पाकिस्तान की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने ला दी है।
जैश-ए-मोहम्मद का टॉप आतंकी कमांडर इलियास कश्मीरी, जिसने एक वीडियो बयान में पाकिस्तान की सेना और उसके प्रमुख जनरल आसीम मुनीर की पोल खोल दी है। उसका दावा है कि ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अफसरों को शामिल होने का आदेश सीधे आर्मी चीफ ने दिया था। इलियास कश्मीरी ने बताया कि पाकिस्तान के जनरल हेडक्वार्टर से सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया था कि मारे गए आतंकियों को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाए। उसने यह भी कहा कि कोर कमांडरों को आदेश था कि वे वर्दी पहनकर जनाजे में शामिल हों और आतंकियों को आखिरी सलामी दें। इस दावे से साफ होता है कि पाकिस्तान की सेना और आतंकी संगठनों के बीच गहरे संबंध हैं।
दुनिया के सामने झूठा पाकिस्तान- पाकिस्तान बार-बार दुनिया के सामने यह कहता रहा है कि उसके यहां कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं हैं। लेकिन जैश-ए-मोहम्मद के ही एक बड़े कमांडर का यह कबूलनामा बताता है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना खुद इन आतंकियों को पालती-पोसती है और जब वे मारे जाते हैं, तो उन्हें सैनिकों जैसा सम्मान देती है। इलियास कश्मीरी के एक और वीडियो में उसने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और भारत में कई हमलों के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उसने कहा कि जब मसूद अजहर भारत की तिहाड़ जेल से छूटकर पाकिस्तान आया, तो उसे सबसे ज्यादा मदद बालाकोट की धरती ने दी। यहीं से उसने भारत के खिलाफ अपने मंसूबों को आगे बढ़ाया। कश्मीरी ने कहा कि बालाकोट की मिट्टी ने मसूद अजहर को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हमले करने की ताकत दी। उसने इसे पाकिस्तान की “पवित्र धरती” बताया, जिससे पता चलता है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन भारत में हिंसा फैलाने के लिए कैसे सोचते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर को बड़ा नुकसान- इलियास कश्मीरी ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की तरफ से किए गए हमले में मसूद अजहर का पूरा परिवार तबाह हो गया। इस हमले में उसके करीबी रिश्तेदार मारे गए। इसका मतलब है कि भारत ने इस बार सीधा उन लोगों को निशाना बनाया जो आतंक की जड़ हैं। हालांकि पाञ्चजन्य इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता लेकिन सोशल मीडिया पर यह तेजी से फैल रहे हैं और पाकिस्तान के दोहरे चेहरे की सच्चाई दुनिया के सामने आ रही है।

















