बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खिलाफ अवामी लीग ने लंदन में प्रदर्शन किया। 16 सितंबर को एकता का प्रदर्शन करते हुए, हजारों ब्रिटिश बांग्लादेशी लंदन के ऐतिहासिक तरफलगर चौक पर इकट्ठे हुए और उन्होनें “बांग्लादेश के लिए रैली” में भाग लिया।
दमनकारी यूनुस शासन के विरोध में रैली
इस रैली का आयोजन “दमनकारी यूनुस शासन” के विरोध में किया गया था और इसमें बांग्लादेश में लोकतान्त्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए नारे लगाए गए, इस विषय में भाषण दिया गया और लोगों से आह्वान किया गया कि वे इन मामलों पर कदम उठाएं।
ब्रिटेन में हजारों लोग हुए शामिल
बांग्लादेश की अवामी लीग ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि 15 सितंबर को लगभग 2000 बांग्लादेशी मूल के लोग यूके में तरफलगर चौक पर अनिर्वाचित अंतरिम सरकार के दमन का विरोध करने के लिए और बांग्लादेश में मानवाधिकारों के हनन का विरोध करने के लिए इकट्ठे हुए। डाउनिंग स्ट्रीट की तरफ रैली करते हुए, उन्होनें यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से अनुरोध किया कि वे वहाँ पर हो रहे अत्याचारों को रोकें। उन्होनें बांग्लादेश में निष्पक्ष, बहुलतावादी और लोकतान्त्रिक संस्कृति पर हमले के विषय में चिंता व्यक्त की।
बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता
इस रैली में उन्होनें बांग्लादेश में निरंतर बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। इन प्रदर्शनकारियों ने उन तमाम राजनीति प्रेरित आरोपों की भी निंदा की, जो अवामी लीग के समर्थकों पर लगातार एक साल से लगाए जा रहे हैं। और इतना ही नहीं, बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनावों के नाम पर अवामी लीग को ही प्रतिबंधित कर दिया है।
ह्यूमन राइट्स वॉच के आंकड़ों का हवाला
अवामी लीग ने अपनी वेबसाइट पर हयूमेन राइट्स वाच के आंकड़ों का भी हवाला दिया। जिसमें कहा गया था कि यूनुस प्रशासन ने अपने पहले सौ दिन के शासनकाल में 1000 से अधिक पुलिस मुकदमे अवामी लीग के लोगों पर लगा दिए थे, जबकि उनका कोई भी कानूनी आधार नहीं था। हाल ही में बांग्लादेश में अवामी लीग से जुड़े कई नेताओं को और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था, जब उन्होनें ढाका में रैली की थी।
पत्रकारों और मीडिया पर कार्रवाई
अवामी लीग ने लिखा कि मीडिया और जूडिशीएरी के सदस्यों को भी राजनीतिक झुकाव के कारण निशाना बनाया गया। कुल ऐसे 160 पत्रकारों की मान्यताऐं समाप्त कर दी गईं, जिनके विषय में यह माना जाता था कि वे हसीना सरकार के समर्थक हैं।
अल्पसंख्यकों पर हमले और ब्रिटिश सरकार से अपील
उसने बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के शासनकाल में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों पर भी बात की। कीर स्टार्मर को सौंपे गए पत्र में उन्होनें अनुरोध किया कि वह इस मामले में निष्क्रिय न रहे। अवामी लीग की तरफ से लिखे गए पत्र में लिखा था कि “ब्रिटिश सरकार अपने करीबी सहयोगी को अराजकता में डूबे देखकर चुप नहीं रह सकती है। हमारे दोनों देशों का इतिहास आपस में जुड़ा हुआ है। आज ग्रेट ब्रिटेन में रहने वाले वे लाखों लोग चिंता में डूबे हुए हैं, जिनके परिवार और दोस्त बांग्लादेश में हैं, और वे चाहते हैं कि ब्रिटेन इसमें सक्रिय रुचि ले।
लोकतंत्र बहाली की अपील
हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह अंतरिम प्रशासन द्वारा किए गए मानवाधिकार हनन के लिए उसे पूरी तरह से जवाबदेह बनाए; स्वतंत्र और निष्पक्ष लोकतांत्रिक चुनावों की निगरानी करे; और जहाँ आवश्यक हो, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन प्राप्त करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बांग्लादेश में लोकतंत्र कायम रहे।”
राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध और नया कानून
यह और भी हैरानी की बात है कि मोहम्मद यूनुस के शासनकाल में एक राजनीतिक पार्टी का अस्तित्व पूरी तरह से समाप्त किया जा रहा है, और वह भी प्रतिबंधों द्वारा, परंतु इसे लेकर कोई भी हलचल कहीं नहीं है। और हाल ही में मोहम्मद यूनुस की सरकार ने इन्टरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ऑर्डनन्स में संशोधन किये हैं, जिनके अनुसार ऐसा कोई भी व्यक्ति सांसद या किसी भी सरकारी निकाय का अध्यक्ष नहीं हो सकता है, जिस पर इन्टरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल में कोई भी आरोप लगा है। इसे लेकर भी अवामी लीग ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था कि यूनुस सरकार राजनीति में नियमों को दोबारा लिख रही है, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि अपने प्रतिस्पर्धियों को मिटाने के लिए।
अवामी लीग पर चुनावी प्रक्रिया में रोक पर सवाल
इस पोस्ट में प्रश्न किया गया कि शासन यह कहता है कि अवामी लीग को जनता ने नकार दिया है, और यदि यह सच है तो फिर अवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया में भाग क्यों नहीं लेने दिया जा रहा है?
एकता का संदेश
लंदन में हुए विरोध प्रदर्शन में पार्टी ने कहा कि 1971 की तरह आज भी जॉय बांग्ला बांग्लादेश मे प्रभावी रूप से प्रतिबंधित है। एकता का संदेश देते हुए, बांग्लादेश अवामी लीग ने कहा कि “आज की रैली एक प्रदर्शन से कहीं अधिक है। यह एकता का संदेश है!”
















