पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। अब बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए भी RSS लगातार सेवा कार्यों में जुटा हुआ है।
स्वदेशी जागरण मंच का मानवीय प्रयास
स्वदेशी जागरण मंच ने सीमावर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत कार्य कर अपने मानवीय कर्तव्य का पालन किया। मंच ने बाढ़ के बाद भी ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कई बड़े कदम उठाए।
एआईआईएमएस बठिंडा और BSF के साथ मेडिकल कैंप
स्वदेशी जागरण मंच ने AIIMS बठिंडा और सीमा सुरक्षा बल की 155वीं एवं 99वीं वाहिनी के साथ मिलकर ग्राम हजारा और निहाला लावेरा में बड़े मेडिकल कैंप आयोजित किए। इन शिविरों में नेत्र, त्वचा, अस्थि रोग, स्त्री रोग आदि के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लगभग एक हजार से अधिक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कीं।
नि:शुल्क दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण
मेडिकल कैंपों में ग्रामीणों को नि:शुल्क आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। यह पहल बाढ़ के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों से बचाव में अहम रही।
बाढ़ग्रस्त गांवों में राहत सामग्री का वितरण
स्वदेशी जागरण मंच द्वारा लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों में सूखा राशन, दवाइयां, मच्छरदानी, डायपर-पैड्स, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। साथ ही सीमा सुरक्षा बल की चौकियों के लिए ब्लिचिंग पाउडर, फिनायल और पीने योग्य पानी भी विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पहुंचाया गया।
स्वदेशी और स्वावलंबन का संदेश
स्वदेशी जागरण मंच के संगठक श्री विनय कुमार ने कहा कि मंच सेवा को सर्वोपरि मानते हुए स्वदेशी एवं स्वावलंबन के सिद्धांतों के साथ निरंतर राहत कार्यों में जुटा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद इलाके में बीमारियां फैलने का खतरा है, जिससे निपटने के लिए सेवा कार्य और तेज किए जाएंगे।
सहयोग करने वाली संस्थाओं का आभार
सेवा कार्यों में जुटे स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत प्रचार प्रमुख श्री अरुण बेरी और जिला पूर्णकालिक श्री तरुण जैन ने मंच को सहयोग करने वाली सभी संस्थाओं का धन्यवाद किया। सीमा सुरक्षा बल ने भी मंच के इन सेवाकार्यों की सराहना की।

















