पंजाब में नशा युवाओं को तो बर्बाद कर ही रहा है, अब तस्करों ने मादक पदार्थों की तस्करी में नाबालिगों को जोड़ना शुरू कर दिया है। अमृतसर पुलिस ने गुरुवार को छह आरपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन और हथियार मिले। यह घटना आने वाले दिनों के लिए बड़े खतरे की घंटी है क्योंकि जिन आरोपियों को पकड़ा गया है उनमें से दो नाबालिग हैं।
पंजाब में नाबालिग आरोपियों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है जो सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ समूचे समाज व समाजशास्त्रियों के लिए चुनौती साबित हो सकती है।
14 महीने में 54 नाबालिग काबू
आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले 14 महीनों के दौरान सीमा पार से नशा और हथियारों की तस्करी के मामलों में 54 नाबालिगों की गिरफ्तारी बेहद चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए बहु-आयामी रणनीति की आवश्यकता है। ढीले-ढाले प्रयासों और अधूरे विकास से यह स्पष्ट होता है कि देश की रक्षा की पहली पंक्ति माने जाने वाले इस क्षेत्र की आवश्यकताओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
सीमावर्ती गांव के युवक हो रहे प्रभावित
हाल ही में अमृतसर पुलिस द्वारा दो नाबालिगों को पाकिस्तानी पिस्तौलों और हेरोइन सहित गिरफ्तार किया जाना इसका ताज़ा उदाहरण है। पंजाब के सीमावर्ती जिलों अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का के सीमावर्ती गांव तस्करों का आसान शिकार बन रहे हैं, जहां गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहे परिवारों की मजबूरी का उनके द्वारा योजनाबद्ध तरीके से नाजायज़ फायदा उठाया जा रहा है।
आपराधिक रिकार्ड न होने के कारण छिपने में आसानी
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार यह चेतावनी दी जा रही है कि पाकिस्तानी तस्कर अपने साथियों को युवा लड़कों को इस धंधे में धकेलने के लिए भर्ती करने के निर्देश दे रहे हैं। इसके दो मुख्य कारण हैं। पहला यह कि इन बच्चों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड न होने के कारण पुलिस या सुरक्षा बलों को इन पर शक नहीं होता।
बाल न्याय कानून बचाते हैं कड़ी सजा से
बाल न्याय कानून के कारण ये सख्त सज़ा से बच जाते हैं। बदकिस्मती से बहुत से किशोर इस दलदल में फंसते जा रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन से प्रभावित हो रहे हैं और कई ड्रोन के जरिए गिराए गए नशे और हथियारों की डिलीवरी करने का काम कर रहे हैं।
रातों रात अमीर बनने के चक्कर में फंसते युवा
हैरानी की बात यह है कि अपने साथियों के पकड़े जाने के बाद भी इनके मन में डर पैदा नहीं हो रहा। वे रातों-रात अमीर बनने के चक्कर में अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने के लिए तैयार हैं।
















