ओडिशा के मयूरभंज जिले के रास्ते पश्चिम बंगाल में गौ तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ओचूंकि मयूरभंज जिला ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सीमा पर है, इसलिए इस जिले के माध्यम से गायों की तस्करी की जा रही है। लेकिन मयुरभंज पुलिस की चौकसी के कारण बारिपदा टाउन थाने पुलिस को गौवं की तस्करी रोकने में सफलता मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिपदा टाउन थाना पुलिस गौ वंश की तस्करों को पकडने के साथ साथ 24 गौवंशों को छुडाने के साथ साथ तीन पिक अप वैनों को बरामद किया है। इसके साथ साथ इन वाहनों के चालकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन गौवंशों को अत्यंत अमानवीय तरीके से लिया जा रहा था।
मयुरभंज पुलिस सूत्रों के अनुसार 14 सितंबर की रात जिला मुख्यालय बारिपदा के बाघरा रोड इलाके में टाउन पुलिस नियमित गश्त पर थी। लेकिन पुलिस को विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली कि बारिपदा की ओर से शुलियापदा होते हुए पश्चिमबंगाल के लिए गौवंश की तस्करी किये जाने का प्रयास हो रहा। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने तस्करी कर रहे पिक आप वैनों को पुलिस ने बाघरा रोड पर रोकने का प्रयास किया। लेकिन पिक अप वैन पुलिस के कहने के बाद भी नहीं रुके और वहां से भागने का प्रयास किया। इस कारण पुलिस ने उनका पीछा किया और कुछ दूरी पर इन पिक अप वैनों को रोकने में सफलता प्राप्त की। इन वाहनों को रोके जाने पर पुलिस ने इनकी जांच की। तब पुलिस ने देखा कि इन वाहनों में अत्यंत अमानवीय तरीके से गौंवंशों को ठूंसा गया है। पुलिस ने वाहन चालकों से आवश्यकीय कागजाद मांगे। लेकिन वाहन चालक किसी भी प्रकार का कागजाद दिखाने में असमर्थ रहे। इसके बाद पुलिस ने तीन पिक आप वाहनों को जब्त कर लिया तथा तीन वाहन चालकों को थाने में पूछताछ करने के लिए लेकर आ गई। पूछताछ के दौरान स्पष्ट हुआ कि इन गौवंशों को पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था।
टाउन थाना अधिकारी करुणाकर राउत ने बताया कि इस मामले में तीनों वाहन चालकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संबंध में बारिपदा टाउन थाने में एक मामला दर्ज कर मामले की आगे की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुक्त कराये गये गौवंशों को श्यामाखुंटा स्थित गौशाला में भेजा गया है। इस मामले में मुख्य किंगपिन कौन है, उसे पकडने का प्रयास किया जा रहा है । शीघ्र ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि ओडिशा के विभिन्न जिलों से मवेशियों को पश्चिम बंगाल लाया जाता है। दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित होने के कारण गौ तस्कर इन मवेशियों को मयूरभंज के रास्ते ले जाते हैं। पिछले कुछ माह में इस तरह की अनेक घटनाएं सामने आयी है। गौरक्षकों ने मांग की है कि पुलिस और प्रशासन इस प्रकार की गौ तस्करी को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। जिन रास्तों के जरिये तस्कर गौ तस्करी करते है उन पर विशेष निगरानी करे ताकि गौतस्करी पर पूर्ण रुप से रोक लग सके।

















