ओडिशा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन को हरित और यादगार तरीके से मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की है कि 17 सितंबर को राज्य भर में 75 लाख पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के तहत चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य के लोगों से इस विशाल वृक्षारोपण अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल प्रधानमंत्री को बल्कि धरती माता को भी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा आशीर्वाद ‘माँ’ है। आइए हम अपनी माताओं और धरती माता के नाम पर एक पेड़ लगाकर उनका सम्मान करें।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों, छात्रों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों और स्वैच्छिक संगठनों से सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। यह अभियान का दूसरा संस्करण है, जो इस वर्ष 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) को शुरू हुआ और 30 सितंबर तक जारी रहेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य इस वर्ष 7.5 करोड़ पौधे लगाना है, जिसमें से 75 लाख पौधे प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर ही लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ओडिशा की जनता की ओर से मोदी जी को एक उपहार होगा। उनके नेतृत्व ने भारत को मजबूत बनाया है और वैश्विक स्तर पर अधिक सम्मान दिलाया है। उन्होंने हमेशा ओडिशा के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। यह अभियान उनके प्रति हमारे सम्मान और आभार का प्रतीक है।
पिछले वर्ष ओडिशा ने उम्मीद से अधिक 6.72 करोड़ पौधे लगाए थे और राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर रहा था। इस वर्ष सरकार का लक्ष्य न केवल संख्या बढ़ाना है, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा करना भी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सिर्फ पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उनका जीवित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक और सरकारी कर्मचारी को इन पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी।
सरकार ने इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में तैयार किया है। इसमें वन एवं कृषि विभाग, सरकारी एजेंसियाँ, पीएसयू, युवा संगठन और नागरिक समाज की संस्थाओं को सक्रिय रूप से शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पौधों के 100 प्रतिशत जीवित रहने को सुनिश्चित करना इस पहल की प्रमुख प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री के लिए उपहार और आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि आइए हम सब इस पुण्य कार्य से जुड़ें। मिलकर हम एक हरित, स्वच्छ और सुंदर ओडिशा बनाएँ और कल की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ पृथ्वी का निर्माण करें। राज्य में तैयारियां जोरों पर हैं और उम्मीद है कि यह अभियान न केवल कीर्तिमान स्थापित करेगा बल्कि नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति को भी मजबूत करेगा।

















