कांग्रेस की कर्नाटक सरकार बेंगलुरु के शिवाजी नगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेंट मैरी करने जा रही है। इसका कड़ा विरोध महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया है। फडणवीस ने सिद्धारमैया सरकार के इस कदम को सीधा छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बताया और कहा कि कर्नाटक कांग्रेस जो कर रही है, वह पार्टी का पुराना रवैया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपनी किताब ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, तब से कांग्रेस में मराठा योद्धा राजा का अपमान करने की परंपरा जारी है।
‘भगवान सिद्धारमैया को सद्बुद्धि दें’
सीएम फडणवीस ने गुरुवार (11 सितंबर) को मीडियाकर्मियों से कहा, “कर्नाटक सरकार का बेंगलुरु मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का फैसला महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है, जिनका देश और दुनिया भर में बहुत सम्मान है। मैं कर्नाटक सरकार के इस कदम की निंदा करता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वह सिद्धारमैया को सद्बुद्धि दें ताकि वे धार्मिक आधार पर लिए गए गलत फैसले को आगे न बढ़ाएं। यह कदम समाज के लिए नुकसानदायक होगा और लोगों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देगा।”
फडणवीस ने आगे कहा, “विपक्ष का स्तर गिर गया है। वे अपने अलावा सत्ता में किसी और के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। अगर विपक्ष सरकार और उनकी नीतियों की आलोचना करता है, तो यह समझ में आता है, लेकिन समाज और देश की नहीं।”
AIMIM नेता ने भी प्रस्ताव का विरोध किया
दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में सेंट मैरी बेसिलिका के वार्षिक उत्सव में एक अनुरोध के बाद कहा था कि उनकी सरकार बेंगलुरु के शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेंट मैरी रखने पर विचार करेगी। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इसका बचाव करते हुए कहा था कि इस तरह की सामुदायिक मांगों पर प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं है। वहीं, एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा था, “शिवाजी महाराज, जिनका देश और दुनिया भर में सम्मान किया जाता था, उनके नाम पर एक स्टेशन का नाम रखा गया है। अगर शिवाजी नगर हटाया जाता है, तो राज्य की जनता माफ नहीं करेगी।”

















