नई दिल्ली: नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के विरोध में युवाओं का प्रदर्शन हुआ था। जिसने हिंसक रूप ले लिया था और पुलिस के साथ Gen-Z की झड़पें हुई थीं। इस विरोध प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या 51 पहुंच गई है। इस बात की जानकारी शुक्रवार को पुलिस के केंद्रीय प्रवक्ता और डीआईजी बिनोद घिमिरे ने दी है।
काठमांडू से शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन फिर देशभर में गया था फैल
पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 51 हो गई है। जिनमें 21 प्रदर्शनकारी और तीन सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। गौरतलब है कि नेपाल में Gen-Z का विरोध प्रदर्शन राजधानी काठमांडू से शुरू हुआ था और फिर पूरे देशभर में फैल गया था। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट सहित कई इमारतों और होटलों को आग के हवाले कर दिया था। नेताओं के घरों में भी आग लगा दी थी। कई नेताओं के साथ मारपीट की गई थी।
जेल तोड़कर भागे कैदियों की तलाश जारी
पुलिस प्रवक्ता बिनोद घिमिरे ने समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए कहा कि अराजकता के दौरान देश भर की कई जेलों से भागे 12,500 से ज्यादा कैदी अभी भी फरार हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 13,500 कैदी भाग गए थे, कुछ को फिर से पकड़ लिया गया है। वहीं, कहा जा रहा है कि पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। उनको शपथ दिलाने की तैयारी चल रही है।
नेपाल में युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कई नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया था। इस बीच यह भी खबर आई है कि नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय ‘शीतल निवास’ ने अपने कर्मचारियों को नए अंतरिम प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। देश की प्रमुख पार्टियों और राष्ट्रपति को अंतरिम सरकार का नेतृत्व किसके हाथों में दे इसपर सहमति बनानी है। हालांकि Gen-Z के प्रतिनिधि भी अभी इसे लेकर आपस में बंटे हुए हैं। अतंरिम प्रधानमंत्री किसको बनाया जाता है इसकी आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। लेकिन प्रबल दावेदार सुशीला कार्की को माना जा रहा है।
















